अपने ही फॉर्मूले में फंस गई Shiv Sena ? देखिए बड़ी बहस | सीधा सवाल
ABP News Bureau | 12 Nov 2019 06:57 PM (IST)
8 दिनों के इंतज़ार के बाद आख़िरकार महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफ़ारिश हो गई...लेकिन इन 18 दिनों में जिस पार्टी की छवि को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुंचा वो है शिवसेना...बीजेपी से गठबंधन तोड़ने से पहले शिवसेना की हिंदुत्व वाली छवि को नुक़सान हुआ...लेकिन इसके बावजूद शिवसेना को ये उम्मीद जगी कि मुख्यमंत्री की कुर्सी उसे मिल जाएगी. उद्धव ठाकरे ने इसके लिए शरद पवार से मुलाक़ात की...सोनिया गांधी को फ़ोन भी किया...लेकिन कल देर शाम तक ये साफ़ हो गया कि शिवसेना को समर्थन पर कांग्रेस असमंजस में है...आज ये ख़बर भी है कि NCP शिवसेना से मुख्यमंत्री पद के लिए 50-50 के फ़ॉर्मूले पर अड़ी है...इसके बाद शिवसेना पर सवाल उठ रहे हैं.