बेटी का सिंदूर मिटाने वाला 'जुल्मी पापा' !
हर बेटी के लिए उसका पापा पहला हीरो होता है।ऐसा हीरो, जो बेटी को उंगली पकड़कर चलना सिखाता है- हर अच्छे-बुरे वक्त में उसके साथ खड़ा रहता है- उसकी हर ख्वहाइश को पूरा करता है। दरभंगा में रहने वाली वो लड़की भी कुछ दिन पहले तक अपने पापा को अपना हीरो समझती थी । लेकिन आज वो उसे विलेन बता रही है- सबसे बड़ा विलेन । वो लड़की कैमरे के सामने चीख-चीखकर कह रही है- मेरे पापा जल्लाद हैं... मेरे पापा ने मेरे पति को मार डाला ...एक बेटी चीख-चीखकर इल्जाम लगा रही है- मेरा पापा... मेरे पति का कातिल । ये सिर्फ एक इल्जाम नहीं है-बल्कि एक बाप और बेटी के रिश्तों का डरावना चैप्टर है... वो चैप्टर...जिसके हर पन्ने पर लिखी है-बेटी से नफरत की कहानी । बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज की छात्रा तन्नु प्रिया का कहना है कि जबसे उसने अपने बॉयफ्रेंड राहुल के साथ लव मैरिज की थी... तभी से उसके पापा के दिल में नफरत के शोले धधक रहे थे। वो राहुल से बेइंतेहां नफरत करते थे। तन्नु प्रिया को पहले दिन से यही डर सता रहा था कि उसके पापा एक न एक दिन कोई खौफनाक कदम उठा सकते हैं- आखिरकार उसका डर सच साबित हो गया ।हर बेटी के लिए उसका पापा पहला हीरो होता है।ऐसा हीरो, जो बेटी को उंगली पकड़कर चलना सिखाता है- हर अच्छे-बुरे वक्त में उसके साथ खड़ा रहता है- उसकी हर ख्वहाइश को पूरा करता है। दरभंगा में रहने वाली वो लड़की भी कुछ दिन पहले तक अपने पापा को अपना हीरो समझती थी । लेकिन आज वो उसे विलेन बता रही है- सबसे बड़ा विलेन । वो लड़की कैमरे के सामने चीख-चीखकर कह रही है- मेरे पापा जल्लाद हैं... मेरे पापा ने मेरे पति को मार डाला ...एक बेटी चीख-चीखकर इल्जाम लगा रही है- मेरा पापा... मेरे पति का कातिल । ये सिर्फ एक इल्जाम नहीं है-बल्कि एक बाप और बेटी के रिश्तों का डरावना चैप्टर है... वो चैप्टर...जिसके हर पन्ने पर लिखी है-बेटी से नफरत की कहानी । बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज की छात्रा तन्नु प्रिया का कहना है कि जबसे उसने अपने बॉयफ्रेंड राहुल के साथ लव मैरिज की थी... तभी से उसके पापा के दिल में नफरत के शोले धधक रहे थे। वो राहुल से बेइंतेहां नफरत करते थे। तन्नु प्रिया को पहले दिन से यही डर सता रहा था कि उसके पापा एक न एक दिन कोई खौफनाक कदम उठा सकते हैं- आखिरकार उसका डर सच साबित हो गया ।