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Sansani: 'जानी दुश्मन' औलाद...मम्मी-पापा खल्लास ! | Crime News

एबीपी न्यूज़ डेस्क  |  02 Dec 2025 11:53 PM (IST)
ABP News


बच्चा मम्मी-पापा की उंगली थामकर चलना सीखता है। नन्हें कदमों से चलते-चलते अगर वो बच्चा कभी-कभार ठोकर लगने से गिर जाता है, तो मम्मी-पापा आगे बढ़कर उसे संभाल लेते हैं। लेकिन अगर वो ही बच्चा जवानी की दहलीज पर कदम रखने के बाद लड़खड़ा जाता है-  या फिर वो लालच और बुरी संगत के कारण भटक जाता है, तो फिर उसे सही रास्ते पर लाना बेहद मुश्किल हो जाता है। मम्मी-पापा लाख कोशिशों के बाद भी अपनी भटकी हुई औलाद को संभाल पाने में नाकाम हो जाते हैं। आज मैं कुछ ऐसे ही मम्मी-पापा की कहानी लेकर आया हूं- जो बन गए- भटकी हुई औलाद की साजिश के शिकार ।एक पुरानी कहावत है-ईंट और गारे से तो सिर्फ मकान तैयार होते हैं। उस मकान को घर बनाता है- वहां रहने वाले लोगों का आपसी प्यार-दुलार और अपनापन । जिन परिवारों में आपसी रिश्ते प्यार की डोर से बंधे होते हैं- वहां हमेशा खुशियों का बसेरा होता है। लेकिन जिन घरों में लालच और बदनीयती की काली छाया पड़ जाती है- वहां रिश्ते बेमानी हो जाते हैं। हरिद्वार में भी कुछ ऐसा ही हुआ । वहां एयरफोर्स के एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा रिश्तों का कातिल बन गया । उसने अपने ही पापा के खिलाफ रच डाला- खूनी षड़्यंत्र । एयरफोर्स के रिटायर्ड अधिकारी भगवान सिंह तो अपने बेटे के साथ शादी के जश्न में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। उन्हें तो ये अंदाजा ही नहीं था कि वो सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होने वाला था । उन्होंने तो सपने में भी ये कल्पना नहीं की होगी कि जिस बच्चे ने उनकी उंगली पकड़कर चलना सीखा था- उसी बच्चे ने उनकी हत्या के लिए तमंचे का इंतजाम करके उसका ट्रिगर दबाने की पूरी तैयारी कर ली थी । लेकिन एक बेटे ने ही अपने पापा के मर्डर का प्लान क्यों बनाया था ? उस प्लान में कितने मोहरे शामिल थे...और उन मोहरों का क्या-क्या रोल था ? ये पूरी कहानी हम आपको आगे बताएंगे... उससे पहले आप ये देख लीजिए कि उस शातिर बेटे ने अपने पापा के आखिरी सफर की क्य़ा कहानी सुनाई थी।  रिटार्यड एयरफोर्स अधिकारी के बेटे ने पुलिस को मर्डर और लूट की झूठी कहानी सुनाई थी। उसका कहना था कि गुमनाम हत्यारों ने उसके पापा को गोली मारने के बाद लूटपाट को अंजाम दिया- और भाग गए...उसने पुलिस को बताया था कि ये खौफनाक हत्याकांड उस वक्त हुआ था- जब वो अपने पापा के साथ एक दोस्त की शादी में जा रहा था...लेकिन बातों-बातों में पुलिस को उसकी कहानी पर शक हो गया। तब पुलिस ने उस पर सवालों की बौछार कर डाली । मसलन... शादी कहां थी... दोस्त का नाम क्या है... गोली मारने वाले हमलावर कहां से आए थे...और वो गोली मारकर कहां गायब हो गए...यशपाल से ऐसे कई सवाल उससे पूछे गए थे... इन सवालों के जवाब मिलते ही-सामने आ गया-एक कातिल बेटे का असली चेहरा - और पापा की सुपारी का डरावना सच । घर को लगा दी आग घर के चिराग ने । जी हां, हरिद्वार की इस डरावनी हकीकत ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है। वहां रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी के बेटे ने बुरी संगत में पड़ कर अपने घर की तमाम खुशियों को खाक कर डाला । उसने जिस प्रॉपर्टी की खातिर अपने पिता के मर्डर की सुपारी दी थी- वो प्रॉपर्टी तो उसे नहीं मिली-हां, अब उसे अपने बाकी जिंदगी सलाखों के पीछे जरूर गुजारनी पड़ेगी । मैं आपको बता दूं कि हरिद्वार की तरह उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में भी रिश्तों के खून की डरावनी कहानी सामने आई है। वहां जमीन-जायदाद के चक्कर में बेटों ने ही रच डाला- मां-बाप की हत्या का षड़्यंत्र। .. श्रावस्ती पुलिस ने डबल मर्डर की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए स्पेशल जांच टीमें बनाई थी...जांच के दौरान पुलिस ने अपने मुखबिरों को एक्टिव कर दिया और मरने वाले रोशन अली के बारे में एक-एक जानकारी जुटा ली। पुलिस को रोशन अली की निजी जिंदगी के बारे में कई चौंकाने वाली बातें पता चली। साथ ही, सौतले बेटों के साथ चल रहे जायदाद के झगड़े की भी जानकारी पुलिस तक पहुंच गई। इसके बाद तो पुलिस ने सिर्फ 48 घंटे में ही इस खूनी कांड का एक-एक राज बेपर्दा कर डाला । श्रावस्ती में डबल मर्डर कांड के सनसनीखेज खुलासे की कहानी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। हर कोई ये सोच-सोचकर परेशान है कि क्या जमीन-जायदाद की अहमियत मां- बाप के रिश्ते से भी बढ़कर है ? सबसे अहम बात ये है कि मां-बाप की हत्या करने के बाद भी आरोपी बेटों को जायदाद नहीं, बल्कि जेल की सलाखें ही मिली हैं। सनसनी में अब दास्तान एक नाबालिग बेटे के खुूनी कांड की। कहानी उस कलियुगी बेटे की...जिसने सिर्फ सात हज़ार रुपए की खातिर छीन ली अपनी मम्मी की जिंदगी । रिश्तों का खूनी चेहरा जब-जब सामने आता है... तब-तब य़े सवाल परेशान करता है कि कुछ लोग आपसी रिश्तों को जमीन-जाय़दाद और दौलत के तराजू में क्यों तौलते हैं...? कुछ लोगों के लिए मम्मी-पापा की जान इतनी सस्ती क्यों हो जाती है..? कुछ महीने पहले भी ऐसे ही एक शैतान बेटे की कहानी सामने आई थी- जिसने पिता की जायदाद को हड़पने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड को मोहरा बनाया था...पिता की आशिकी के लिए गर्लफ्रेंड से घिनौना सौदा किया...और फिर जो हुआ उसकी हकीकत जानकर हर कोई थर्रा गया । आज की सनसनी में बस इतना ही...

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