Public Interest: खराब निर्माण कार्य का बस एक ही उपाय, मत्री और अधिकारियों से हो वसूली | ABP News
आपने अक्सर देखा होगा, आपके शहर के पुल या गांव की सड़कें टूट जाती हैं। ब्रिज गिर जाते हैं। नई-नई इमारतें गिर जाती हैं। कई बार तो हादसा इतना दर्दनाक होता है कि लोगों की जान भी चली जाती है | लेकिन हादसे के बाद क्या होता है ? अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं। हादसे की फाइल बनाते हैं और वो फाइल कहीं रद्दी के ढेर में दब जाती है। इलाके के जो भी माननीय मंत्री या सांसद विधायक होते हैं वो पीड़ितों के द्वार पर जाकर दुख जताते हैं। लेकिन सवाल है पुल गिरने या सड़क टूटने से जो भी आर्थिक नुकसान देश को होता है? उसके लिए जो जिम्मेदार होता है।उसकी जिम्मेदारी तय करने का कोई सिस्टम है क्या? नुकसान की वसूली किससे की जाती है ? मंत्री से ? अधिकारी से ? या फिर टैक्सपेयर से ? बैंक के डिफाल्टर को फौरन नोटिस मिलता है। कुर्की होती है। लेकिन देश के डिफाल्टर को नोटिस क्यों नहीं मिलता है। वसूली क्यों नहीं होती है?