सरकार दे जवाब हादसों का कौन जिम्मेदार? Ahmedabad Crash Plane | Rescue Operation | Helicopter Crash
कुछ दिनों में देश में हादसों की बाढ़ सी आ गई है, लोगों के भीतर डर और दहशत का माहौल है. हादसों ने आम लोगों की सुरक्षा को लेकर कई सवालों को जन्म दिया है, ये सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित किया जाये ताकि आम आदमी की हादसों में जान नहीं जाए, इसको लेकर क्या इंतजाम किये जा रहे हैं उसके बारे में डिटेल में जानकारी आपसे साझा करेंगे लेकिन उसके पहले कुछ सीधे सवाल और उसके अहमदाबाद में एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हुआ। ...तो क्या लोगों ने प्लेन में उड़ना छोड़ दिया?..सड़कों पर रोज़ सैकड़ों एक्सीडेंट होते हैं। ...तो क्या इस डर से कार और स्कूटर चलाने छोड़ दिये जाएं?.... आए दिन ट्रेनें भी डिरेल हो जाती हैं, तो क्या ट्रेनों में बैठना छोड़ दें ?.. पुल गिर जाते हैं तो क्या पुल पर चढ़ना छोड़ दें?.. होर्डिंग गिर जाते हैं तो क्या इस डर से घर में बैठे रहें?...सड़कें लबालब हो जाती हैं तो मेनहोल में गिरने के डर से पूरी बारिश सड़क पर ही न निकलें? अहमदाबाद प्लेन क्रैश को लेकर देश-विदेश की एक्सपर्ट टीम जांच में लगी हुई हैं।..मानकर चलें कि जांच रिपोर्ट में दो महीने लगेंगे ही। .. लेकिन ड्राइंग रूम से सोशल मीडिया तक डराने वाले डिस्कशन चल रहे हैं। कोई कह रहा है कि बोइंग के प्लेन से अब दूरी ही भली। ..तो कोई कह रहा है किसी भी प्लेन में बैठना पर एयर इंडिया में नहीं..