पहाड़ों से बर्फबारी के दौरान कई ऐसे वीडियो वायरल होते रहते हैं, जो लोगों का दिल जीत लेते हैं. वहीं इन दिनों उत्तराखंड की देवभूमि से एक बार फिर आस्था और प्रकृति से जुड़ा एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. दरअसल पांच केदारों में शामिल रुद्रनाथ मंदिर में बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों के बीच हो रही शिव आरती का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. दीपों की लो, मंत्रों की गूंज और चारों ओर फैली बर्फ की चादर के इस नजारे को देखकर लोग इसे धरती लोक पर शिवलोक बता रहे हैं. वीडियो ने क्यों खींच लोगों का ध्यान? सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में रुद्रनाथ मंदिर की आरती दिखाई दे रही है. जहां कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बीच श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में लीन नजर आ रहे हैं. आठवीं सदी का यह प्राचीन मंदिर भगवान शिव के मुख को समर्पित है और 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित होने के कारण इसे पंच केदारों में सबसे कठिन पहुंच वाला मंदिर माना जाता है. वहीं वीडियो में दिख रही शांति और दिव्यता ने लोगों के दिल को छू लिया है. आपको बता दें कि रुद्रनाथ पंच केदार यात्रा का चौथा मंदिर है, यह केदारनाथ, तुंगनाथ और मध्यमहेश्वर के बाद आता है. यहां से नंदा देवी, त्रिशूल और नंदा घुंटी जैसे हिमालयी शिखरों के शानदार दर्शन होते हैं, जो स्थान को और खास बनाते हैं. आस्था का अनोखा संगम परंपरा के अनुसार सर्दियों में भगवान शिव का प्रतीक स्वरूप गोपेश्वर यहां लाया जाता है. श्रद्धालु पनार और ल्यूट बुग्याल होते हुए पितृधर पहुंचते हैं. जहां वह अपने पूर्वजों की पूजा करते हैं, वहीं श्रावण पूर्णिमा पर यहां विशाल मेला लगता है और श्रद्धालु सूर्यकुंड, चंद्र कुंड, तारा कुंड और मना कुंड में स्नान कर अपनी यात्रा को पूर्ण करते हैं. वहीं रुद्रनाथ का ट्रैक आसान नहीं है. हेलांग, सागर गांव और मंडल गांव तीन प्रमुख रास्तों से यहां पहुंचा जा सकता है. घने जंगल, खुले बुग्याल और ऊंचे पहाड़ इस ट्रैक को यादगार बना देते हैं. वहीं यह ट्रैक 4 से 5 दिनों का होता है.
इंटरनेट पर आएं लोगों के इमोशनल रिएक्शन रुद्रनाथ का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया की बाढ़ आ गई. एक यूजर ने इस वीडियो को देखकर कमेंट किया हमारा कल्चर हमारा गौरव. वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि उत्तराखंड सच में देवभूमि है. वहीं कई लोग चिंता जताते हुए कमेंट करते हैं यह कुछ जगह ऐसी है, जिन्हें ज्यादा फेमस नहीं करना चाहिए, वरना यहां भी भीड़ और अव्यवस्था हो जाएगी. इसके अलावा कुछ यूजर्स ने मंदिर के सरकारी हस्तक्षेप पर सवाल उठाते हुए लिखा कुछ अच्छी चीजों को अछूता छोड़ देना ही बेहतर है.
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