Shanghai News: शंघाई में एक चौंका देने वाले वाक्या ने अत्यधिक सख्त पालन-पोषण को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. एक महिला ने अपनी छोटी बेटी को कड़ाके की ठंड में घुटनों के बल चलने पर मजबूर किया, जिससे राहगीर यह देखकर हक्का-बक्का रह गए और अधिकारियों से कार्रवाई करने की मांग की. यह घटना 6 जनवरी को रात 9 बजे उनके आवासीय परिसर में पेश आई. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट  के मुताबिक, हस्तक्षेप करने की कोशिश करने वाले राहगीरों को मां ने डांट-फटकार भी लगाई.

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जू नाम के एक गवाह ने बताया कि बच्ची आखिरकार परिसर के मुख्य द्वार पर पहुंचकर खड़ी हो गई. जू ने यह भी बताया कि मां ने शिकायत की कि उसने अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए यह अपार्टमेंट खरीदा था, जिसके कारण उसका परिवार भारी कर्ज में डूब गया है. एक अन्य राहगीर ने मां से कहा कि उसे अपनी निजी समस्याओं के लिए अपने बच्चे को दोष नहीं देना चाहिए.

स्कूल और पड़ोस सिमिति ने लिया मामला 

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जू ने घटना की सूचना शंघाई मीडिया ग्रुप के एक स्थानीय मीडिया आउटलेट को दी. मीडिया आउटलेट ने स्कूल को घटना की जानकारी दी. स्कूल की मनोवैज्ञानिक परामर्श शिक्षिका ने माँ से बात की. शुरू में मां दावा किया कि उनकी "शिक्षण विधि" सही थी, लेकिन बाद में उन्होंने भविष्य में अत्यधिक शैक्षिक उपायों से बचने का वादा किया.

स्थानीय पड़ोस समिति को भी इस मामले की जानकारी दी गई. समिति के कर्मचारियों ने कहा कि वे परिवार पर नज़र रखेंगे और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे.

विशेषज्ञों और वकील की चेतावनी

शंघाई मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉ. कियाओ यिंग ने कहा कि मां का यह रवैया जज्बाती और शारीरिक शोषण के अंतर्गत आता है. उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी बच्चे को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है, तो वह खुद को "अयोग्य" महसूस कर सकता है और क्रोध, चिंता और अवसाद से ग्रस्त हो सकता है. 

डॉ. कियाओ ने कि माता-पिता को सलाह दी कि वे अपने बच्चों की आज्ञाकारिता को हल्के में न लें और इस बात के लिए आभारी रहें कि बुरे व्यवहार के बावजूद उनके बच्चे प्यार से जवाब देते हैं. एक वकील ने चेतावनी दी कि मां का व्यवहार घरेलू हिंसा विरोधी कानूनों के तहत दंडनीय हो सकता है.