Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों भारतीय रेलवे से जुड़ा एक और वीडियो वायरल हो रहा है.  पत्रकार राजेंद्र बी. X पर आकलेकर ने ट्विट करते हुए एक वीडियो शेयर किया जिसपर उन्होनें लिखा कि हनीमून कोच के बाद अब रेलवे के सैलून कोच में पूजा-पाठ होते हुए देखा गया है, और इस वीडियो में जगह की पहचान नहीं हो पाई है.  यह वीडियो 12 जुलाई की शाम को पोस्ट किया गया और कुछ ही घंटों में इसे लाखों लोग देख चुके हैं.

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वीडियो में क्या दिख रहा है?

वायरल वीडियो में एक सजा हुआ कमरा दिखता है, जिसमें सोफे के आगे लाल कपड़े पर पूजा की थाली, कलश और अन्य पूजन सामग्री रखी हुई है.  कमरे में कई लोग बैठे हैं, जिनमें एक व्यक्ति पीले कपड़ों में पूजा करता हुआ नजर आ रहा है. कमरे की खड़की से साफ पता चल रहा है कि यह जगह किसी रेलवे कोच के अंदर की है, जहां पंखा, पर्दे और लकड़ी की दीवारें भी दिखाई देती हैं. 

बाद में पत्रकार राजेंद्र आकलेकर ने ही इस पोस्ट के कमेंट में इस मामले की सच्चाई बताई. उनके मुताबिक यह ट्रेन नंबर 12926 से जुड़ा सैलून कोच था, जिसे किसी सरकारी अधिकारी को नहीं बल्कि मेसर्स दाना पानी, कन्नौज नाम की निजी कंपनी को आईआरसीटीसी के जरिए व्यावसायिक बुकिंग नियमों के तहत किराए पर दिया गया था.  बुकिंग का अनुरोध आठ जुलाई दो हजार छब्बीस को मिला था, और नियमों के मुताबिक सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निजी पार्टी से तीन लाख आठ हजार पांच सौ अस्सी रुपये लिए गए थे. नॉर्दर्न रेलवे ने इस व्यावसायिक यात्रा की सूचना पहले ही जारी कर दी थी. 

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लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन

इस वीडियो पर लोगों ने अलग-अलग राय दी है. कई यूजर्स ने इसे रेलवे की परंपरा से जोड़ते हुए सही बताया, जैसे एक यूजर ने लिखा कि यह भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाने वाला कदम है, हालांकि जगह को लेकर सवाल जरूर उठाया. वहीं कुछ लोगों ने इसे गलत बताते हुए कहा कि रेलवे के सैलून सिर्फ सरकारी कामकाज के लिए होते हैं, न कि निजी कार्यक्रमों के लिए. एक यूजर ने तो यहां तक लिखा कि भारतीय रेलवे सार्वजनिक संपत्ति है, कोई निजी मंच नहीं, इसलिए इसकी जगह और मकसद की जांच होनी चाहिए. 

दूसरी तरफ कुछ यूजर्स का मानना है कि रेलवे को अतिरिक्त कमाई के लिए ऐसी सुविधाएं देना बुरा नहीं है, क्योंकि इससे रेलवे की आमदनी बढ़ती है और यह एक तरह का व्यावसायिक विकास ही है. कुल मिलाकर यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. 

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