Viral Video: मनाली में हाल ही भीषण हिमपात के दौरान फंसे सैकड़ों पर्यटकों को गर्म चाय पिलाने के लिए हिमाचल प्रदेश की महिलाओं के एक समूह की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ की जा रही है. भारी बर्फबारी ने हिमाचल प्रदेश भर में 680 से अधिक सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित कर दी.
मनाली के पास गोजरा गांव की स्थानीय महिलाएं ठंड से ठिठुरते वाहनों में फंसे यात्रियों की सहायता के लिए गर्म चाय के थर्मस लेकर निकलीं. वीडियो में देखा जा सकता है कि महिलाएं शांति से पर्यटकों तक गर्म चाय पहुंचा रही हैं और उन्हें ठंड से राहत दे रही हैं.
वीडियो के साथ X पर यह कैप्शन लिखा गया, "मनाली में बर्फबारी के कारण लगे ट्रैफिक जाम में फंसी पर्यटकों को स्थानीय महिलाएं गर्म चाय परोस रही हैं. कोई शोर-शराबा नहीं, कोई दिखावा नहीं, बस गर्मजोशी और दयालुता. पर्यटन वाले राज्यों में एक बात समान रहती है. विनम्र रहें, सौम्य रहें, और लोग हमेशा मदद के लिए आगे आएंगे."
गणतंत्र दिवस के सप्ताहांत में पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण उत्पन्न हुई बुनियादी ढांचे की गंभीर चुनौतियों के बावजूद, स्थानीय लोगों की यह मदद " हिमाचल प्रदेश की असली भावना" के रूप में देखि गई.
मनाली में बर्फबारी
बर्फबारी करीब 30 घंटे तक लगातार रही, जिससे कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर 15 किलोमीटर लंबा यातायात जाम लग गया. लंबे सप्ताहांत और बर्फबारी ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है - लगभग तीन महीने के सूखे के बाद यह इस मौसम की पहली बर्फबारी है.
खबरों के मुताबिक, 600 से अधिक पर्यटक फंसे हुए हैं, जिनमें से कई को सड़क अवरोधों और काली बर्फ के कारण अपनी कारों में रात बिताने या 20 किलोमीटर तक गहरी बर्फ में पैदल चलना पड़ा. पूरे हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के कारण 835 सड़कें बंद हैं.
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जैसे जिलों में 28 जनवरी तक भारी बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. अधिकारी फिलहाल मार्गों को साफ करने में जुटे हैं और उन्होंने लोगों से कहा है कि जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता, तब तक अनावश्यक यात्रा न करें.
स्थानीय दयालुता ने बढ़ाया गर्व और इंसानियत
एक यूजर ने लिखा, "यही असली पर्यटन है. कोई रील नहीं, कोई शोर नहीं—बस इंसानियत का जीवंत प्रदर्शन." एक दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, "पर्यटक पहाड़ों के साथ चाहे जैसा भी बुरा बर्ताव करें, जब वे फंस जाते हैं, तो हमेशा स्थानीय लोग ही चाय और दयालुता के साथ उनकी मदद के लिए आगे आते हैं. इससे पता चलता है कि वास्तव में वहां कौन रहता है." एक अन्य यूजर ने कहा, "ऐसे पल हमें याद दिलाते हैं कि हम कितने भाग्यशाली हैं. एक भारतीय होने पर गर्व है. कृतज्ञता से भरा हुआ."
