जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब दुनिया के सबसे ऊंचे रोपवे सिस्टम्स में से एक गुलमर्ग गोंडोला में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और करीब 300 पर्यटक हवा में लटकी केबिनों में फंस गए. पहाड़ों के बीच, घने जंगलों और खराब मौसम के हालात में यह घटना किसी डरावने सपने से कम नहीं थी. सैकड़ों लोग जमीन से काफी ऊंचाई पर फंसे हुए थे और नीचे गहरी खाई थी, जिससे हर किसी की सांसें थम गईं. लेकिन इस संकट के बीच भारतीय सेना ने एक बार फिर अपनी बहादुरी और तत्परता का परिचय देते हुए हालात को संभाल लिया.

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पूरी टीम ने किया रेस्क्यू, सभी को सुरक्षित निकाला

घटना की जानकारी मिलते ही Indian Army के नॉर्दर्न कमांड और चिनार कॉर्प्स ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. उनके साथ NDRF, SDRF, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मिलकर इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया. करीब 65 केबिनों में फंसे पर्यटकों को निकालना आसान नहीं था, क्योंकि इलाके का भूगोल बेहद कठिन था और मौसम भी लगातार चुनौती दे रहा था.

फरिश्ते की तरह पहुंचा सेना का जवान

वायरल वीडियो में जो नजारा सामने आया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया. भारतीय सेना के जवान रस्सियों के सहारे हवा में लटकी केबिनों तक पहुंचे, केबल पर बैलेंस बनाते हुए अंदर फंसे लोगों तक पहुंचे और एक-एक कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतारते नजर आए. फिसलन भरी ढलानों, घने जंगलों और ऊंचाई के बावजूद जवानों ने बिना घबराए बेहद प्रोफेशनल तरीके से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया. यह पूरा दृश्य किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, लेकिन यहां हर कदम पर जान का खतरा भी था.

कई घंटों तक चला ऑपरेशन

यह रेस्क्यू ऑपरेशन कई घंटों तक चला और धीरे-धीरे सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. शुरुआत में दर्जनों लोगों को बचाया गया, फिर यह आंकड़ा बढ़ता गया और आखिरकार सभी 300 से ज्यादा पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया. सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि इस पूरे ऑपरेशन में किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई और ना ही कोई जानमाल का नुकसान हुआ.

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यूजर्स ने की जवान की तारीफ

जैसे ही इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, लोगों ने भारतीय सेना की जमकर तारीफ की. यूजर्स ने जवानों को असली हीरो बताते हुए उनके साहस, धैर्य और समर्पण को सलाम किया. कई लोगों ने लिखा कि जब भी देश में कोई संकट आता है, भारतीय सेना हमेशा सबसे आगे खड़ी नजर आती है. कुल मिलाकर, गुलमर्ग का यह रेस्क्यू ऑपरेशन सिर्फ एक बचाव अभियान नहीं, बल्कि बहादुरी, अनुशासन और मानवता का शानदार उदाहरण बन गया.

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