Viral Video: दयालुता एक ऐसा सुंदर गुण है जो हमें इंसान बनाता है. आज के दौर में जहाँ अक्सर ताकत और कामयाबी को ही सब कुछ माना जाता है, ऐसे में करुणा और सहानुभूति हमें यह याद दिलाती है कि असली मानवता इन्हीं गुणों से बनती है.
हाल ही में, इसका एक उदाहरण गोवा में देखने को मिला जब एक महिला ने गूगल मैप्स के काम न करने के कारण रात में रास्ता भटक गए एक विदेशी पर्यटक की मदद की.
रात में फंसी विदेशी पर्यटक की मदद
X पर एक पोस्ट के मुताबिक, यह घटना दक्षिण गोवा में रात करीब 10 बजे घटी, जहाँ एक विदेशी पर्यटक सुनसान सड़कों पर अकेली, परेशान और रोती हुई मिली. पर्यटक पैदल अपने होटल लौट रही थी, लेकिन उसका नेविगेशन ऐप सही रास्ता नहीं दिखा पाया और वह अंधेरे में फंस गई.
सिंधु कुमारी की बहादुरी और मदद
इसी दौरान एक स्थानीय ड्राइवर सिंधु कुमारी ने महिला की परेशानी देखी, रुककर उसे दिलासा दिया और सुरक्षित रूप से होटल तक पहुँचाया. सिंधु कुमारी ने विदेशी पर्यटक को कोकोनट ग्रोव बीच रिज़ॉर्ट होटल तक सुरक्षित छोड़ दिया.
उन्होंने मदद के लिए पैसे लेने से इनकार कर दिया और पर्यटक से कहा, "कोई बात नहीं, मुझे पैसे नहीं चाहिए," और इसके बजाय उन्होंने पर्यटक को अपना इंस्टाग्राम हैंडल दिया ताकि अगर उसे आगे कोई परेशानी हो तो वह उनसे संपर्क कर सके.
सोशल मीडिया पर प्रशंसा और संदेश
वीडियो के कैप्शन में यह लिखा था, "रात 10 बजे, एक विदेशी महिला रास्ता भटक गई और बहुत डरी हुई थी - गूगल मैप्स काम नहीं कर रहा था. आसपास कोई नहीं था... तभी रैपिडो की राइडर सिंधु कुमारी रुकी, उसे शांत किया और सुरक्षित रूप से होटल कोकोनट तक पहुंचा दिया."
वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर सिंधु की जमकर तारीफ होने लगी और यूजर्स ने फंसी हुई महिला की मदद करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. कई लोगों ने कहा कि ऐसी दयालुता भारत की सबसे अच्छी मिसाल है और इससे देश की छवि सुधरती है. एक यूजर ने लिखा, "यही है असली भारत, जहां लोग शांत साहस, बुनियादी दयालुता और जरूरत के समय आगे आते है.''
एक अन्य व्यक्ति ने कहा, "सिंधु कुमारी को सलाम! उनकी सूझबूझ, दयालुता और साहस ने एक संभावित संकट को आशा की कहानी में बदल दिया."
एक तीसरे व्यक्ति ने कहा, "जब ऐप्स विफल हो जाते हैं, तो मानवता आगे आती है. सिंधु कुमारी ने सिर्फ सवारी ही नहीं दी, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और विश्वास भी दिया. यही वह भारत है जिसे दुनिया को देखने की जरूरत है."
एक चौथे व्यक्ति ने कहा, "सिंधु कुमारी प्रशंसा और सम्मान की हकदार हैं. एक ऐसे देश में, जहां महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं, वहां किसी संकट में फंसे विदेशी की मदद करना और उसे सुरक्षित उसके जगह तक पहुंचना बेहद सराहनीय कदम है.''