ब्रज क्षेत्र में इन दिनों होली का उत्सव पूरे जोश के साथ मनाया जा रहा है. वृंदावन और बरसाना की गलियों में दूर-दूर से आए श्रद्धालु रंग और गुलाल के साथ त्योहार का आनंद ले रहे हैं. मंदिरों में भजन-कीर्तन हो रहा है, सड़कों पर लोग एक-दूसरे को रंग लगा रहे हैं और हर तरफ उत्सव का माहौल है, लेकिन इस खुशियों भरे माहौल के बीच कुछ ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिन्होंने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. इन वीडियो में कुछ युवतियां होली के दौरान अपने साथ हुई बदसलूकी और असहज अनुभवों के बारे में बता रही हैं. 

Continues below advertisement

क्या है वायरल वीडियो में?

वायरल वीडियो में एक युवती बताती है कि वह दर्शन के लिए वृंदावन आई थी. जब वह सड़क पार कर रही थी, तभी कुछ लड़के उसके आसपास आ गए. उन्होंने उसे आगे बढ़ने नहीं दिया और जबरदस्ती उसके चेहरे और पूरे शरीर पर रंग लगा दिया. युवती का कहना है कि उसकी आंखों में भी रंग डाल दिया गया, जिससे उसे तकलीफ हुई. लड़की ने वीडियो में नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ लोग जबरदस्ती रंग लगाकर ऐसे खुश होते हैं, जैसे उन्होंने कोई बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली हो. उसने सवाल उठाया कि क्या एक अकेली लड़की को रोककर उस पर रंग डालना ही बहादुरी है. वीडियो के अंत में उसने यह भी कहा कि अगर कुछ अच्छा करना है तो अपने परिवार और समाज के लिए करो, किसी को परेशान करके नहीं. 

Continues below advertisement

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. कई लोगों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि त्योहार के नाम पर किसी को भी असहज या परेशान करना गलत है. कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों की सही जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि होली के त्योहार में भी मर्यादा और सहमति (कंसेंट) का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. बिना किसी की इच्छा के रंग लगाना गलत है, चाहे वह त्योहार ही क्यों न हो. इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या कुछ लोगों की गलत हरकतों की वजह से लड़कियों को धार्मिक या सांस्कृतिक स्थलों पर जाना बंद कर देना चाहिए. 

यह भी पढ़ें -  इलाहाबाद में भांग उतरने में कितने दिन लगते हैं? सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी की तो मौज में आ गए यूजर्स