दिल्ली में एक नए फुटपाथ का डिजाइन इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इस फुटपाथ पर चलने के लिए बिछाई गई कंक्रीट की टाइल्स में जगह-जगह बड़े चौकोर छेद दिखाई दे रहे हैं. इसे देखकर कुछ लोग हैरान हैं, तो कुछ इसकी उपयोगिता पर सवाल उठा रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस तरह की टाइल्स का मकसद बारिश के पानी को जमीन के अंदर पहुंचाना है.
नए फुटपाथ का वीडियो हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति दिल्ली के नए फुटपाथ को दिखाता नजर आ रहा है. इसमें इंटरलॉकिंग कंक्रीट की टाइल्स बिछाई गई हैं, जिनमें कई चौकोर छेद बने हुए हैं. वीडियो में व्यक्ति बताता है कि इन छेदों के जरिए बारिश का पानी जमीन के अंदर जा सकेगा. इससे पानी सीधे जमीन में पहुंचने में मदद मिलेगी. वीडियो में कुछ जगहों पर टाइल्स के छेदों के आसपास मिट्टी और छोटे पौधे भी दिखाई देते हैं. फुटपाथ को खंभों और पेड़ों के आसपास बनाया गया है.
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आखिर क्यों बनाए गए हैं टाइल्स में छेद?
इस तरह की टाइल्स का इस्तेमाल बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने के लिए किया जाता है. सामान्य कंक्रीट की सतह पर पानी बहकर नालियों में चला जाता है, जबकि छेद वाली टाइल्स के जरिए पानी को नीचे मिट्टी तक पहुंचने का रास्ता मिलेगा. इससे बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने और जलभराव कम करने में मदद मिलेगी.
लोगों ने डिजाइन पर उठाए सवाल
फुटपाथ का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इसके डिजाइन पर सवाल उठाए. कुछ लोगों का कहना है कि छेदों की वजह से पैदल चलने में परेशानी हो सकती है. खासकर ऊंची एड़ी वाली सैंडल पहनने वाली महिलाओं, छोटे बच्चों और ट्रॉली लेकर चलने वाले लोगों को दिक्कत हो सकती है.कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल किया कि अगर किसी व्यक्ति की छड़ी या व्हीलचेयर का पहिया इन छेदों में फंस जाए, तो क्या होगा. वहीं, कुछ लोगों ने इसे खराब निर्माण बताते हुए कहा कि फुटपाथ ऐसा होना चाहिए, जिस पर हर उम्र और जरूरत के लोग आसानी से चल सकें.
लोगों की प्रतिक्रिया?
इस फुटपाथ को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ यूजर्स ने पानी को जमीन के अंदर पहुंचाने के विचार को अच्छा बताया. वहीं, कई लोगों ने कहा कि पर्यावरण के लिए बेहतर डिजाइन बनाने के साथ पैदल चलने वालों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है. लोगों का मानना है कि फुटपाथ का डिजाइन ऐसा होना चाहिए, जिससे बारिश का पानी जमीन में पहुंचे और लोगों को चलते समय परेशानी भी न हो.
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