बच्चे के नाम को लेकर आपस में भिड़े मां बाप! 1 साल के बच्चे को खींच ले गए कोर्ट? इसके बाद जो हुआ हैरान कर देगा
Viral News: अदालत में मामला पहुंचने के बाद खुलासा हुआ कि माता-पिता अपनी जिद छोड़ने को तैयार ही नहीं थे और नाम को लेकर दोनों अलग-अलग अस्पताल तक चले गए थे.

चीन के शंघाई से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. यहां एक दंपति अपने बच्चे का नाम तय नहीं कर पाया और इसी वजह से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र पूरे एक साल तक नहीं बन सका. बिना जन्म प्रमाण पत्र के बच्चा न तो घरेलू पंजीकरण करा पाया और न ही टीकाकरण हो सका. अदालत में मामला पहुंचने के बाद खुलासा हुआ कि माता-पिता अपनी जिद छोड़ने को तैयार ही नहीं थे और नाम को लेकर दोनों अलग-अलग अस्पताल तक चले गए थे.
अदालत तक चला गया नाम रखने का मामला
आपको बता दें कि मामला शंघाई की अदालत तक जब पहुंचा तो पता चला कि बच्चे के मां बाप ने 2023 में शादी की थी और अगले साल उनको बच्चा हुआ. लेकिन बच्चे का नाम रखने को लेकर दोनों जिद पर अड़ गए. दोनों चाहते थे कि बच्चा उसी नाम से जाना जाए जो उन्होंने सोचा था. नाम दर्ज कराने के लिए दोनों अलग-अलग अस्पताल भी गए लेकिन वहां नियम पूरे न करने की वजह से उनकी अर्जी खारिज हो गई. जज ने इस पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि बच्चा अब एक साल से बड़ा हो गया है लेकिन उसके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है. न ही उसका घर का पंजीकरण हो पाया है. यहां तक कि टीकाकरण भी मुश्किल हो गया है. अदालत ने साफ कहा कि नाम पर झगड़ा करके माता-पिता अपने ही बच्चे के अधिकार छीन रहे हैं.
अदालत ने दिया आदेश
इसके बाद अदालत ने आदेश दिया कि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जल्द से जल्द बनाया जाए. इसके लिए मूल दस्तावेज पहले अदालत के पास रखे जाएंगे और फिर मां को दिए जाएंगे ताकि वह जरूरी कागजी काम पूरा कर सके. इस अजीब मामले ने चीन के सोशल मीडिया पर खूब हलचल मचा दी. लोग इसे लेकर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
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यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट
लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी. किसी ने कहा कि ऐसे माता-पिता को बच्चे पैदा ही नहीं करने चाहिए. तो किसी ने लिखा कि नाम तो कभी भी बदला जा सकता है लेकिन जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण में देरी बच्चे के लिए खतरनाक है. इस पूरे मामले ने साबित कर दिया कि जब माता-पिता अपने झगड़ों को बच्चे से ऊपर रख देते हैं तो सबसे ज्यादा नुकसान उसी मासूम को होता है.
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Source: IOCL


























