Bangalore News: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने यूजर्स का दिल जीत लिया है. बेंगलुरु की सॉफ्टवेयर इंजीनियर उदया पटेल ने रैपिडो के एक ड्राइवर के समाजिक कदम के बारे में बताया है, जिसने उनके विश्वास को फिर से जगाया कि दुनिया में अब भी इंसानियत जिंदा है.

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उदया ने लिंक्डइन पर अपने अनुभव में बताया कि राइड के दौरान मदेश नाम के ऑटो ड्राइवर ने अपने ऑटो में बहुत ही छोटे-छोटे लेकिन जरूरी इंतज़ाम किए थ. पीने का पानी, टिश्यू पेपर, हैंड सैनिटाइज़र और गर्भवती महिलाओं के लिए 5 किलोमीटर तक फ्री राइड. वह बताती है कि ड्राइवर ने इन चीजों को बहुत ही प्यार और सलीके से सजाकर रखा था. सीट के पास छोटे-छोटे कृत्रिम फूल लगे थे और किताबें भी सजाई हुई थीं. सब कुछ साधारण था, लेकिन गर्मजोशी भरा था.

छोटे कदम, बड़ा बदलाव

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उदया ने आगे लिखा, ''आजकल की बदलती लाइफस्टाइल में लोग इतनी जल्दी में रहते हैं कि दूसरों के लिए रुकना मुश्किल हो जाता है. उदारता अक्सर दिखावटी या फिल्मी लगती है. लेकिन मदेश ने चुपचाप लोगों की मदद करना चुना और अपनी गाड़ी को थके हुए यात्रियों और महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और आरामदायक जगह बना दिया.''

रैपिडो ने भी दी प्रतिक्रिया

रैपिडो ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी और कहा, "हाय उदया, यह कहानी हमारे दिल को छू गई. मदेश ने एक साधारण सवारी को खास अनुभव में बदल दिया. छोटी-छोटी चीज़ें, जैसे पानी, टिश्यू, और किताबें, एक आरामदायक और सुरक्षित माहौल बनाने में बहुत फर्क डालती हैं.''

अभी इंसानियत ज़िंदा है- यूजर्स

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने मदेश की जमकर तारीफ की. लगभग 1,000 लोग इस पोस्ट को लाइक कर चुके हैं. कमेंट्स में लोग लिख रहे थे कि कभी-कभी छोटी-छोटी बातें हमारे दिन को खुशनुमा बना देती हैं और याद दिलाती हैं कि इंसानियत अभी भी ज़िंदा है.