Khamenei Funeral Viral Video: ईरान-अमेरिकी संघर्ष के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब उनकी अंतिम विदाई के कार्यक्रम शुरू हो गए है. वहीं खामेनेई की अंतिम विदाई से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में हजारों-लाखों लोगों की भीड़ सबको पर नजर आ रही है. कई लोग रोते-बिलखते, छाती पीटते और अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देते दिखाई दे रहे हैं. इन वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई लोग अलग-अलग तरह के कमेंट करते दिखाई दे रहे हैं.
खामेनेई के जनाजे में उमड़ा जनसैलाब
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि खामेनेई के जनाजे के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए हैं. कई लोग अपने हाथों में ईरानी झंडा लिए हुए नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ लोग इमोशनल हो रहे हैं और छाती पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं. सभा स्थल के आसपास भारी भीड़ मौजूद है और सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. बताया जा रहा है कि तेहरान में आयोजित अंतिम विदाई के कार्यक्रम में कई लोग खामेनेई को अंतिम विदाई दे रहे हैं. वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार 4 और 5 जुलाई को ग्रैंड इमाम मुसल्ला में खामेनेई का शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है. इसके बाद 6 जुलाई से अंतिम यात्रा निकलेगी. यह कई दिनों तक चलने वाला राजकीय कार्यक्रम है. इसके अलावा यह भी बताया जा रहा है की खामेनेई के पार्थिव शरीर को अलग-अलग धार्मिक स्थलों से होते हुए 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में में दफनाया जाएगा.
भारत से भी गया प्रतिनिधिमंडल
रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने भी इस शोक सभा में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजा है. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा कर रहे हैं. इनके अलावा जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती भी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल हो रही है.
सोशल मीडिया पर आए लोगों के रिएक्शन
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन के बाढ़ आ गई. कुछ यूजर्स का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का अंतिम संस्कार में पहुंचना इस बात का संकेत है की खामेनेई को जनता का समर्थन हासिल था. एक यूजर ने लिखा अगर खामेनेई इतना बड़ा तानाशाह होता तो उनके निधन के बाद इतनी बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने नहीं पहुंचते. वहीं दूसरे यूजर ने लिखा लोगों में अपने नेता के प्रति इतना स्नेह और लगाव देखना अलग बात है. हालांकि कई लोगों ने इस भीड़ पर सवाल उठाए एक यूजर ने पूछा मैं सिर्फ यह देखना चाहता हूं कि अंतिम यात्रा में कितनी महिलाएं शामिल हुई है. वहीं एक और यूजर ने दावा किया कि खबर है कि अली खामेनेई के जनाजे में उनका बेटा शामिल नहीं हो रहा है क्या यह सच है.
