आपने सोचा नहीं होगा, लेकिन इयरबड्स से भी आपकी जासूसी की जा सकती है. सिक्योरिटी रिसर्चर ने कुछ ऐसी खामियों का पता लगाया है, जिनकी मदद से हैकर्स सोनी, मार्शल, शाओमी, नथिंग, लॉजिटेक और गूगल जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों के ऑडियो डिवाइस और एक्ससेरीज का कंट्रोल अपने हाथों में ले सकते हैं. कई मामलों में इन खामियों की वजह से आपकी लोकेशन भी ट्रैक की जा सकती है. आइए पूरा मामला डिटेल में जानते हैं.
क्या है खामी?
गूगल ने ब्लूटूथ डिवाइस को एंड्रॉयड और ChromeOS प्रोडक्ट्स से सिंगल टैप से कनेक्ट करने के लिए फास्ट पेयर नाम से एक वायरलेस प्रोटोकॉल बनाया है. इसी प्रोटोकॉल में यह खामी पाई गई है. इसका खतरा आईफोन यूजर्स पर भी है. इस तरह की खामियों का फायदा उठाकर अटैक करने को व्हिसपर पेयर नाम दिया गया है. इस अटैक में अगर हैकर यूजर से 50 फीट की दूरी पर है तो वह अपने डिवाइस को टारगेटेड ऑडियो डिवाइस के साथ पेयर कर उसे हाईजैक कर सकता है.
हैकर के हाथ में आ जाएंगे ये कंट्रोल
अगर हैकर एक बार टारगेट डिवाइस से कनेक्ट करने में सफल हो गए तो फोन पर आपकी बातचीत सुन सकते हैं, अपनी मर्जी का ऑडियो चला सकते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, वो आपके डिवाइस के माइक्रोफोन को ऑन कर आपके आसपास की भी बातचीत सुन सकते हैं. गूगल और सोनी के कई डिवाइस में फाइंड हब नाम से एक जियोलोकेशन ट्रैकिंग फीचर मिलता है. इसकी मदद से हैकर अपने टारगेट की रियल-टाइम लोकेशन भी देख सकते हैं.
गूगल को दे दी गई जानकारी
सिक्योरिटी रिसर्चर के इस खुलासे के बाद गूगल ने फास्ट पेयर में खामी होने की बात स्वीकार की है, लेकिन कहा कि लैब से बाहर इसके दुरुपयोग का कोई मामला सामने नहीं आया है. कंपनी ने कहा कि वह इस मामले पर नजर रखे हुए है और फास्ट पेयर और फाइंड हब की सिक्योरिटी बढ़ाने पर लगी हुई है. गूगल ने ऑडियो एक्सेसरीज के लिए सिक्योरिटी अपडेट भी रिलीज की है ताकि व्हिसपरपेयर जैसे खतरों से यूजर्स को बचाया जा सके.
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