Microsoft ने Windows 11 की सेफ्टी के लिए एक नया फीचर रोल आउट किया है, जो किसी भी रिस्की सॉफ्टवेयर को ऑपरेटिंग सिस्टम में घुसने से पहले ही रोक देगा. इसे Windows Baseline Security Mode नाम दिया गया है और यह किसी भी अनसाइन्ड ऐप, सर्विसेस और ड्राइवर्स को ब्लॉक कर देगा, जो बैकग्राउंड में चलते रहते हैं. इसका फायदा यह होगा कि अगर यूजर गलती से ऐसा कोई सॉफ्टवेयर या ऐप डाउनलोड कर लेता है तो विंडोज अपने लेवल पर उसे ब्लॉक कर देगी.

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कैसे काम करेगा नया फीचर?

इस फीचर के आने से सिस्टम लेवल पर बड़ा बदलाव हुआ है. दरअसल, ड्राइवर्स और बैकग्राउंड सर्विसेस की मदद से किसी सिस्टम की एक्सेस पाना आसान होता है. इसी कारण अटैकर्स इन्हें यूज करते हैं. एक बार इंस्टॉल होने के बाद ये दूसरी ऐप्स को मॉनिटर कर सकते हैं और लगातार बैकग्राउंड में ऑपरेट होते रहते हैं. अब नया फीचर आने के बाद विंडोज कोड साइनिंग पर नजर रखेगी. अगर कोई साइन सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होता है तो यह फीचर बीच में नहीं आएगा, लेकिन अनसाइन कोड वाले सॉफ्टवेर को यह इंस्टॉल होने से पहले ही ब्लॉक कर देगा. 

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यूजर ट्रांसपेरेंसी एंड कन्सेंट को भी किया जा रहा एक्सपैंड

Baseline Security Mode लाने के साथ-साथ माइक्रोसॉफ्ट यूजर ट्रांसपेरेंसी एंड कन्सेंट को भी एक्सपैंड कर रही है. जब कोई ऐप सेंसेटिव डिवाइस फीचर या डेटा यूज करेगी तो यूजर को प्रॉम्प्ट मिल जाएगा. आनी अगर कोई सॉफ्टवेयर माइक्रोफोन, कैमरा, फाइल्स और सिस्टम लेवल परमिशन को एक्सेस करना चाहेगा तो यूजर को इसका नोटिफिकेशन मिल जाएगा. यह इसलिए भी जरूरी है कि क्योंकि आजकल किसी भी सॉफ्टवेयर के साथ कई दूसरे इंस्टॉलर आते हैं, जिन्हें कई परमिशन की जरूरत होती है. अब इस नए बदलाव से उनके लिए सेंसेटिव डिवाइस सेटिंग और डेटा तक एक्सेस मुश्किल हो जाएगी.

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