Nasa Technology: अमेरिकी स्पेस एजेंसी Nasa इन दिनों Artemis 2 मिशन के कारण चर्चा में है. 7 अप्रैल को इस मिशन पर गए एस्ट्रोनॉट्स ने चांद के चारों और चक्र लगाया है. 53 सालों के बाद इंसान पहली बार चांद के इतना करीब पहुंचा है. इसी बीच कुछ लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि एकदम एडवांस काम करने वाली स्पेस एजेंसी नासा कुछ पुरानी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल क्यों कर रही है? सुनने में यह भले ही अजीब लग सकता है कि नासा के एस्ट्रोनॉट्स पुरानी टेक्नोलॉजी यूज कर रहे हैं, लेकिन इसके पीछे का कारण काफी इंट्रेस्टिंग है. 

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Artemis मिशन के लिए भी चुने गए पुराने डिवाइस

रिपोर्ट्स के अनुसार, नासा ने Artemis जैसे मिशन के लिए पहले से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में यूज हो चुके डिवाइस चुने हैं. ऐसे में यह सवाल उठना वाजिब है कि जिस एजेंसी के पास इतना बजट है और जो स्पेस एक्सप्लोरेशन के काम में लगी हुई है, वह पुराने डिवाइस और टेक्नोलॉजी क्यों यूज कर रही है? अब नासा के ही एक स्पेसफ्लाइट एक्सपर्ट ने इस सवाल का जवाब दिया है.

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क्यों पुरानी टेक्नोलॉजी यूज कर रही है नासा?

नासा के स्पेसफ्लाइट एक्सपर्ट जेसन हट्ट ने अपनी एक पोस्ट में बताया है कि Artemis जैसे मिशन के लिए भी एजेंसी पुराने विंडोज वाले टैबलेट और दूसरे डिवाइसेस पर क्यों निर्भर है. हट्ट ने बताया कि यह सब टेस्टिंग, कॉस्ट और रिलायबिलिटी से जुड़ा हुआ है. स्पेस में ले जाए जाने वाले हार्डवेयर ऐसे नहीं होते, जिन्हें हर साल बदला जा सकता है. हर एक सिंगल कंपोनेंट को लंबी टेस्टिंग प्रोसेस से गुजरना पड़ता है, जिसमें सालों का समय और भारी पैसा लगता है. ऐसे में अगर कोई डिवाइस अप्रूव हो जाता है तो नासा सालों तक उसका इस्तेमाल करती रहती है.

इस कारण भी पुरानी हो जाती है टेक्नोलॉजी

जब नासा अपने किसी मिशन में पुरानी टेक्नोलॉजी या डिवाइस का यूज करती है तो वह अपना टाइम और पैसा दोनों बचा रह होती है. इसके अलावा टाइमलाइन को लेकर भी एक बड़ी दिक्कत आती है. दरअसल, नासा के मिशन की प्लानिंग कई साल पहले ही हो जाती है और एजेंसी उसी हिसाब से उस समय की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और डिवाइसेस टेस्ट करना शुरू कर देती है. फिर जब सालों बाद मिशन के लॉन्च का समय आता है, तब तक वो टेक्नोलॉजी पुरानी हो चुकी होती है. फिर भी नासा इस मामले में कॉम्प्रोमाइज कर लेती है क्योंकि ऐसे मिशन में एकदम परफेक्ट परफॉर्मेंस से ज्यादा रिलायबिलिटी जरूरी होती है. 

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