Laptop Touchpad Position: ज्यादातर लैपटॉप में टचपैड सेंटर में लगा होता है. यह इतना नॉर्मल है कि अगर टचपैड थोड़ा भी इधर-उधर हो जाए तो यह अजीब लगने लगता है. इसके बावजूद कई लैपटॉप में यह सेंटर की बजाय लेफ्ट में दिया होता है. ज्यादातर यूजर को यह पसंद नहीं आता और ऑनलाइन फोरम पर लोग इसे लेकर शिकायतें भी कर रहे हैं, लेकिन फिर भी कई मॉडल में टचपैड को सेंटर की बजाय सेफ्ट में प्लेस किया जाता है. आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण हैं.

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सेंटर की बजाय लेफ्ट में क्यों होता है टचपैड?

टचपैड के सेंटर की बजाय लेफ्ट में होने के पीछे एक तगड़ा लॉजिक काम करता है. दरअसल, टचपैड को कीबोर्ड के हिसाब से अलाइन किया जाता है. यानी लैपटॉप की चेसिस का ध्यान न रखते हुए इसे कीबोर्ड के सेंटर के हिसाब से प्लेस किया जाता है. इस कारण कई बार नंबरपैड वाले लैपटॉप में टचपैड बीच की बजाय लेफ्ट में होता है. ऐसा इसलिए होता है ताकि टाइपिंग करते समय आपकी हथेली बार-बार टचपैड पर टच न हो. अगर इसे लैपटॉप की बॉडी के हिसाब से सेंटर में प्लेस किया जाए तो टाइपिंग के दौरान यह प्रॉब्लम खड़ी कर सकता है. इसलिए भले ही डिजाइन के हिसाब से लेफ्ट साइड में दिया गया टचपैड अजीब लगे, लेकिन प्रैक्टिकल च्वॉइस यही है.

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लेफ्ट में लगे टचपैड को लेकर रहती हैं ये शिकायतें

सेंटर की बजाय लेफ्ट में लगे टचपैड को लेकर लोगों की कई शिकायतें रहती हैं. कई लोगों का कहना है कि इससे राइट-हैंड यूज करने वाले यूजर्स को ज्यादा स्पेस मिल जाता है, जबकि लेफ्टी लोगों को इतना स्पेस नहीं मिलता. इसके जवाब में यह कहा जा सकता है कि टचपैड की पोजिशन का इस बात से कोई संबंध नहीं होता कि इसे यूज करने वाले राइट हैंडेड या है लेफ्टी.

पॉश्चर को लेकर भी रहती है शिकायत

ऑनलाइन फोरम पर लोग इस बात की भी शिकायत कर रहे हैं कि लेफ्ट साइड में दिए गए टचपैड के कारण उनके पॉश्चर पर भी असर पड़ता है. उनका कहना है कि आंखों का फोकस डिस्प्ले के सेंटर पर रहता है, लेकिन टचपैड यूज करने के लिए पूरी बॉडी को लेफ्ट में शिफ्ट करना पड़ता है. इससे कंधों में दर्द होने लगता है. यह एक बड़ा कारण है, जिस वजह से ज्यादातर लोग लेफ्ट में टचपैड वाला लैपटॉप खरीदने से बचते हैं.

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