आज के डिजिटल दौर में यूपीआई हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है. चाय की टपरी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक,हम हर जगह धड़ल्ले से ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस आसान लेन-देन के पीछे आपकी प्राइवेसी पर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है? अगर आपने ध्यान दिया हो तो जब भी आप किसी दुकानदार या व्यक्ति को यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर करते हैं,तो अक्सर आपका पर्सनल मोबाइल नंबर भी उनके पास चला जाता है. इस नंबर का इस्तेमाल स्पैम कॉल्स,फ्रॉड या आपकी निजी जानकारी को ट्रैक करने के लिए भी किया जा सकता है.

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एनपीसीआई और पेमेंट एप्स की बेहतरीन पहल

वहीं, महिलाओं और सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है.लेकिन अब डरने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है.नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और प्रमुख पेमेंट एप्स आपको एक ऐसी बेहतरीन तकनीक और सेटिंग्स की सुविधा दे रहे हैं, जिससे आपका पेमेंट भी हो जाएगा और सामने वाले को आपका मोबाइल नंबर का एक अंक भी नहीं दिखेगा.आइए जानते हैं क्या है ये प्राइवेसी तकनीक ? 

अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकते हैं 

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1. पर्सनलाइज्ड या कस्टम यूपीआई आईडी बनाएं 

मोबाइल नंबर छिपाने का सबसे आसान तरीका एक कस्टम या प्राइवेट यूपीआई आईडी बनाना है. 

पेटीएम- अगर आप पेटीएम पर अपना नंबर छिपाना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी प्रोफाइल आइकन पर जाएं वहां यूपीआई एंड पेमेंट सेटिंग चुनें इसके बाद मैनेज यूपीआई आईडी पर क्लिक करके अपनी पसंद का कोई भी नाम या अल्फ़ान्यूमेरिक आईडी बनाएं.

गूगल पे- गूगल पे पर अपना नंबर छिपाने के लिए अपनी प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें फिर बैंक अकाउंट चुनें और मैनेज यूपीआई नंबर्स में जाकर अपना मोबाइल नंबर अन-लिंक कर दें.आप इसके बजाय एक रैंडम या नेम-बेस्ड आईडी सेट कर सकते हैं. 

भीम एप- प्रोफाइल पिक्चर पर जाकर क्रिएट न्यू  यूपीआई नंबर का विकल्प चुनें और एक नया एलियास नंबर सेट कर दें.

2. अल्टरनेट यूपीआई नंबर का इस्तेमाल करें 

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने एक नई सुविधा जोड़ी है, जिससे आप अपने असली बैंक मोबाइल नंबर को छिपा सकते हैं. आप अपने बैंक खाते से जुड़ा एक अलग यूपीआई नंबर या वर्चुअल नंबर भी बना सकते हैं.

3. प्राइमरी यूपीआई आईडी बदलें

इसके साथ ही जब आप नई आईडी या कस्टम आईडी बना लें,तो उसे अपनी प्राइमरी यूपीआई आईडी के रूप में एक्टिवेट करना न भूलें.एक बार प्राइमरी आईडी सेट हो जाने पर,आपके सभी लेनदेन केवल उस आईडी के माध्यम से होंगे और आपका मोबाइल नंबर हमेशा छिपा रहेगा. 

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