सिम बाइंडिंग के नियमों को लागू करने के लिए WhatsApp भारतीय यूजर्स के लिए जल्द ही एक बड़ा बदलाव करने जा रही है. कंपनी एक नया फीचर ला रही है, जो नियमित अंतराल के बाद यह चेक करेगा कि व्हाट्सऐप अकाउंट एक्टिव मोबाइल नंबर से जुड़ा हुआ है या नहीं. अगर इस फीचर को लगेगा कि अकाउंट किसी एक्टिव सिम से नहीं जुड़ा है तो उस अकाउंट को रेस्ट्रिक्ट किया जा सकता है. बता दें कि कुछ महीने पहले ही सरकार ने सिम बाइंडिंग को अनिवार्य किया था. 

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कैसे काम करेगा नया फीचर?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी यह फीचर बीटा टेस्टिंग में है. रोल आउट होने के बाद यह बैकग्राउंड में सिम वैलिडेशन और सेशन रिन्यूल पर नजर रखेगा. अभी व्हाट्सऐप केवल लॉग-इन के समय कोड के जरिए फोन नंबर वेरिफाई करती है, लेकिन यह फीचर नियमित अंतराल के बाद सिम के एक्टिव होने की पड़ताल करेगा. इसके लिए यूजर सेशन रिन्यू होने पर हर बार 6 डिजिट का कोड एंटर करना पड़ सकता है. अगर कोई अकाउंट सिम को वैलिडेट नहीं कर पाएगा तो उसे रेस्ट्रिक्ट कर दिया जाएगा. हालांकि, माना जा रहा है कि इससे चैट हिस्ट्री और पेंडिंग मैसेज पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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केवल इंडियन यूजर्स के लिए होगा यह बदलाव

व्हाट्सऐप यह फीचर केवल इंडियन यूजर्स के लिए ला रही है. +91 से शुरू होने वाले नंबरों पर ही इसका असर पड़ेगा. बता दें कि सरकार ने पिछले साल के अंत में व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और स्नैपचैट समेत सभी मैसेजिंग ऐप्स को सिम बाइंडिंग लागू करने को कहा था और इसके लिए 90 दिनों का समय दिया गया था. 

क्या होती है सिम बाइंडिंग?

सिम बाइंडिंग का मतलब है कि मैसेजिंग ऐप्स को केवल उसी डिवाइस पर एक्सेस किया जा सकता है, जिसमें वही सिम है, जिससे उस प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन किया गया था. अगर उस डिवाइस से वह सिम हटा ली जाती है, इनएक्टिव हो जाती है या उसमें दूसरी सिम डाल ली जाती है तो ऐप अपने आप यूजर को लॉग आउट कर देगी. सरकार को उम्मीद है कि इससे फ्रॉड के मामले रोकने में मदद मिलेगी.

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