What is Kill Switch: हाल के दिनों में Elon Musk की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink को लेकर Kill Switch शब्द काफी चर्चा में है. कई रिपोर्ट्स और दावों के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगा है कि आखिर यह किल स्विच होता क्या है और कैसे यह किसी हाई-टेक सिस्टम को एक झटके में बंद कर सकता है. आसान शब्दों में कहें तो किल स्विच एक ऐसा कंट्रोल मैकेनिज्म होता है जिससे किसी तकनीक या सिस्टम को तुरंत बंद किया जा सकता है. अभी ईरान ने इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके एलन मस्क के स्टॉरलिंक को काफी नुकसान पहुंचाया है.

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Kill Switch क्या होता है?

किल स्विच दरअसल एक आपातकालीन या कंट्रोल फीचर होता है जिसे किसी सिस्टम, नेटवर्क या मशीन को तुरंत रोकने के लिए डिजाइन किया जाता है. इसका इस्तेमाल आमतौर पर सुरक्षा कारणों से किया जाता है ताकि किसी गलत इस्तेमाल, साइबर हमले या संवेदनशील हालात में सिस्टम को पूरी तरह निष्क्रिय किया जा सके. यह फीचर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर या नेटवर्क लेवल पर मौजूद हो सकता है.

Starlink में किल स्विच कैसे काम करता है?

Starlink एक सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस है जो हजारों लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स के जरिए काम करती है. इसका पूरा कंट्रोल SpaceX के सेंट्रल सिस्टम के पास होता है. ऐसे में कंपनी के पास यह तकनीकी क्षमता होती है कि वह किसी खास इलाके, नेटवर्क या यूजर एक्सेस को सीमित या पूरी तरह बंद कर सके. इसी कंट्रोल मैकेनिज्म को कई लोग किल स्विच कह रहे हैं जिसकी मदद से Starlink की सेवाओं को रोका जा सकता है.

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क्या किल स्विच खतरनाक है?

किल स्विच अपने आप में न तो अच्छा है और न ही बुरा. यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि इसका इस्तेमाल किस मकसद से किया जा रहा है. एक तरफ यह साइबर सुरक्षा और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए जरूरी है वहीं दूसरी तरफ इससे यह चिंता भी बढ़ती है कि किसी निजी कंपनी के हाथ में इतनी बड़ी शक्ति क्यों होनी चाहिए. अगर भविष्य में इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधा को एक बटन से बंद किया जा सके तो यह डिजिटल आज़ादी पर सवाल खड़े करता है.

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