गेम खेलते समय आपने देखा होगा कि बारिश में सड़क पर लाइट चमकती है, कार के शीशे में आसपास की चीजें नजर आती हैं और खिड़की से आने वाली धूप कमरे में परछाइयां बनाती है. असल लाइफ में रोशनी जिस तरह अलग-अलग जगहों पर पड़ती और टकराकर दूसरी जगह पहुंचती है, उसे गेम में दिखाना आसान नहीं होता है. इसी काम को बेहतर बनाने में Ray Tracing टेक्नोलॉजी मदद करती है, जिससे गेम की दुनिया असली जिंदगी के करीब लगती है.

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PlayStation 5 और Xbox Series X/S जैसे नए गेमिंग कंसोल भी इस तकनीक को सपोर्ट करते हैं, हालांकि Ray Tracing से ग्राफिक्स बेहतर होने के साथ गेम की परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि गेमिंग कंसोल में Ray Tracing क्या है और इससे कैसे ग्राफिक्स की दुनिया बदलती है. 

Ray Tracing टेक्नोलॉजी क्या है?

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Ray Tracing एक ग्राफिक्स रेंडरिंग तकनीक है, जो वर्चुअल दुनिया में रोशनी का हिसाब लगाकर ग्राफिक्स को ज्यादा असली बनाती है. इसमें कंप्यूटर यह हिसाब लगाता है कि रोशनी किसी सतह से टकराकर कैसे लौटती है, कहां से गुजरती है और दूसरी चीजों पर उसका क्या असर पड़ता है.  Ray Tracing से कैसे ग्राफिक्स की दुनिया बदलती है? 1. Ray Tracing की मदद से पानी, शीशे और चमकदार फर्श पर आसपास की चीजों की परछाइ असली दिखाई दे सकती है. पुरानी तकनीकों में कई बार वे चीजें रिफ्लेक्शन में नहीं दिखतीं, जो गेम के कैमरे की नजर से बाहर होती हैं. Ray Tracing ऐसी चीजों को भी रिफ्लेक्शन में दिखाने में मदद करती है. 

2. असली दुनिया में रोशनी की दिशा और चीजों की दूरी के हिसाब से परछाइयां बदलती हैं. Ray Tracing गेम में भी इसी तरह परछाइयों को ज्यादा नेचुरल दिखा सकती है. इससे गेम के सीन बनावटी लगने की जगह असली दुनिया जैसे नजर आते हैं. 

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3. Ray Tracing से यह भी पता चलता है कि रोशनी किसी चीज से टकराने के बाद आसपास की दूसरी चीजों पर कैसा असर डालती है. रोशनी के इस तरह एक जगह से दूसरी जगह पहुंचकर असर डालने को Global Illumination कहते हैं. 

क्या Ray Tracing से गेम स्लो हो सकता है?

Ray Tracing में काफी ज्यादा कैलक्युलेशन करनी पड़ती हैं, जिससे ग्राफिक्स कार्ड पर दबाव बढ़ता है और गेम के FPS यानी फ्रेम रेट में गिरावट आ सकती है. इसी वजह से मॉर्डन GPU में इसे तेज करने के लिए विशेष हार्डवेयर दिया जाता है. NVIDIA DLSS और AMD FSR जैसी अपस्केलिंग तकनीकें कम रिजोल्यूशन पर रेंडर की गई तस्वीर को ज्यादा रिजॉल्यूशन में बदलकर परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद करती हैं.

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