अगर आप Windows PC या लैपटॉप पर गेमिंग, वीडियो एडिटिंग या दूसरे ग्राफिक्स-हेवी काम करते हैं तो आपने MSI Mode का नाम शायद ही सुना हो. यहां MSI का मतलब Message Signaled Interrupts है. ये किसी अलग हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर का नाम नहीं बल्कि Windows में हार्डवेयर डिवाइस और CPU के बीच इंटरप्ट सिग्नल भेजने का एक तरीका है.

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आसान भाषा में समझें तो जब GPU को CPU और सिस्टम से किसी काम के पूरा होने या नए डेटा की जरूरत जैसी जानकारी देनी होती है, तब इंटरप्ट का इस्तेमाल होता है. MSI Mode इसी कम्युनिकेशन को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करता है.

GPU की स्पीड से इसका क्या कनेक्शन है?

जानकारी के अनुसार, MSI Mode को लेकर इंटरनेट पर दावा किया जाता है कि इसे ऑन करने से GPU की स्पीड बढ़ जाती है. हालांकि, इसे ये सीधे GPU की क्लॉक स्पीड नहीं बढ़ाता है. इसके बजाय MSI Mode कुछ कंडिशन में इंटरप्ट हैंडलिंग को ज्यादा बेहतर बना सकता है. इससे CPU और GPU के बीच कम्युनिकेशन में होने वाला ओवरहेड कम हो सकता है. नतीजे में कुछ सिस्टम में गेमिंग परफॉर्मेंस, फ्रेम टाइम या लैटेंसी में मामूली सुधार देखने को मिल सकता है. लेकिन इसका फायदा हर PC में एक जैसा नहीं मिलेगा. कई सिस्टम में बदलाव लगभग महसूस भी नहीं होगा.

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Windows में MSI Mode कैसे काम करता है?

पुराने तरीके में हार्डवेयर डिवाइस इंटरप्ट के लिए एक शेयर्ड लाइन का इस्तेमाल कर सकते थे. MSI टेक्नोलॉजी में डिवाइस मेमोरी में एक खास मैसेज लिखकर CPU को इंटरप्ट की जानकारी देता है.

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इसका फायदा ये है कि एडवांस PCIe डिवाइस जैसे GPU, के लिए इंटरप्ट को संभालने का तरीका ज्यादा फ्लेक्सिबल हो सकता है. यही वजह है कि कुछ हार्डवेयर और ड्राइवर कॉन्फिगरेशन में MSI Mode कारगर साबित होते हैं.

क्या MSI Mode ON करने से गेमिंग तेज हो जाएगी?

ऐसा बिलकुल नहीं है. दरअसल, MSI Mode को ऑन करना कोई जादुई परफॉर्मेंस बूस्ट नहीं है. GPU की असली स्पीड नॉर्मली उसकी क्लॉक, पावर लिमिट, टेंपरेचर, ड्राइवर और गेम की सेटिंग्स जैसे कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है.

अगर आपका सिस्टम पहले से सही तरीके से कॉन्फिगर है तो MSI Mode बदलने के बाद FPS में बड़ा उछाल मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. कुछ मामलों में फ्रेम टाइम या स्टटरिंग में सुधार देखने को मिल सकता है लेकिन ये हार्डवेयर और ड्राइवर पर निर्भर करता है.

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