What is Processor: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. कॉलिंग से लेकर गेमिंग, वीडियो एडिटिंग, ऑनलाइन पेमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, हर काम फोन पर ही हो रहा है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये सब इतनी तेजी और आसानी से कैसे होता है? इसका सीधा जवाब है प्रोसेसर. प्रोसेसर किसी भी स्मार्टफोन का दिमाग होता है जो यह तय करता है कि आपका फोन कितना तेज, स्मार्ट और पावरफुल होगा.
प्रोसेसर क्या होता है और यह क्या काम करता है
प्रोसेसर को आसान भाषा में फोन का ब्रेन कहा जा सकता है. जैसे इंसानी दिमाग सोचने, समझने और आदेश देने का काम करता है, वैसे ही प्रोसेसर स्मार्टफोन के हर फंक्शन को कंट्रोल करता है. जब आप स्क्रीन पर टैप करते हैं, ऐप खोलते हैं, फोटो खींचते हैं या गेम खेलते हैं तो हर कमांड प्रोसेसर तक जाती है. प्रोसेसर उन कमांड्स को प्रोसेस करता है और फिर फोन को बताता है कि आगे क्या करना है.
स्मार्टफोन प्रोसेसर कैसे काम करता है
स्मार्टफोन प्रोसेसर असल में अरबों छोटे-छोटे ट्रांजिस्टर से मिलकर बना होता है. ये ट्रांजिस्टर मिलकर गणना करते हैं और डेटा को प्रोसेस करते हैं. प्रोसेसर जितना तेज और आधुनिक होगा, उतनी ही तेजी से फोन ऐप्स ओपन करेगा, मल्टीटास्किंग करेगा और बैटरी को भी बेहतर तरीके से मैनेज करेगा. यही वजह है कि एक अच्छा प्रोसेसर फोन के पूरे अनुभव को बदल देता है.
प्रोसेसर के मुख्य प्रकार कौन-कौन से हैं
स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले प्रोसेसर को उनके काम और क्षमता के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा सकता है. आमतौर पर इन्हें बजट, मिड-रेंज और फ्लैगशिप प्रोसेसर के रूप में समझा जाता है. बजट प्रोसेसर रोजमर्रा के काम जैसे कॉलिंग, सोशल मीडिया और वीडियो देखने के लिए ठीक रहते हैं जबकि मिड-रेंज प्रोसेसर गेमिंग और मल्टीटास्किंग को स्मूद बनाते हैं. फ्लैगशिप प्रोसेसर हाई-एंड गेमिंग, 4K वीडियो, AI फीचर्स और प्रोफेशनल लेवल के कामों के लिए बनाए जाते हैं.
CPU और कोर की भूमिका
प्रोसेसर के अंदर CPU यानी सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट होती है जो मुख्य गणनाओं का काम करती है. CPU में कोर होते हैं, जैसे डुअल-कोर, क्वाड-कोर, ऑक्टा-कोर. ज्यादा कोर होने का मतलब यह नहीं कि फोन हमेशा तेज होगा बल्कि यह बताता है कि फोन एक साथ कितने काम अच्छे से संभाल सकता है. आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन ऑक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ आते हैं जिससे मल्टीटास्किंग काफी बेहतर हो जाती है.
GPU का महत्व क्यों है
सिर्फ CPU ही नहीं बल्कि GPU यानी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट भी प्रोसेसर का अहम हिस्सा होती है. GPU का काम ग्राफिक्स से जुड़ी प्रोसेसिंग करना होता है. गेमिंग, वीडियो प्लेबैक, फोटो एडिटिंग और एनिमेशन में GPU की बड़ी भूमिका होती है. अगर आप गेमिंग के शौकीन हैं तो एक पावरफुल GPU वाला प्रोसेसर आपके लिए जरूरी हो जाता है.
प्रोसेसर और AI का कनेक्शन
आजकल स्मार्टफोन में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का खूब इस्तेमाल हो रहा है. कैमरा में सीन डिटेक्शन, फेस अनलॉक, वॉयस असिस्टेंट और बैटरी ऑप्टिमाइजेशन जैसे फीचर्स AI पर ही निर्भर करते हैं. नए जमाने के प्रोसेसर में अलग से AI यूनिट या NPU दी जाती है जो इन स्मार्ट फीचर्स को तेज और ज्यादा सटीक बनाती है.
प्रोसेसर कैसे बदल देता है स्मार्टफोन का अनुभव
एक अच्छा प्रोसेसर फोन को सिर्फ तेज ही नहीं बनाता बल्कि उसे ज्यादा भरोसेमंद भी बनाता है. ऐप्स जल्दी खुलते हैं, गेम बिना लैग के चलते हैं, फोन ज्यादा गर्म नहीं होता और बैटरी भी ज्यादा देर तक चलती है. वहीं कमजोर प्रोसेसर वाले फोन में हैंग, स्लो परफॉर्मेंस और जल्दी बैटरी खत्म होने जैसी दिक्कतें देखने को मिलती हैं.
प्रोसेसर और बैटरी परफॉर्मेंस का रिश्ता
बहुत से लोग सोचते हैं कि बैटरी ज्यादा चले इसके लिए सिर्फ बड़ी बैटरी जरूरी है लेकिन सच्चाई यह है कि प्रोसेसर भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है. नया और पावर-एफिशिएंट प्रोसेसर कम बैटरी में ज्यादा काम कर लेता है. यही वजह है कि कई बार छोटी बैटरी वाला फोन भी बेहतर बैकअप दे देता है.
कौन-कौन सी कंपनियां बनाती हैं स्मार्टफोन प्रोसेसर
आज के समय में Qualcomm, MediaTek, Apple, Samsung और Google जैसी कंपनियां स्मार्टफोन प्रोसेसर बनाती हैं. Qualcomm के Snapdragon प्रोसेसर एंड्रॉयड फोन्स में काफी पॉपुलर हैं. MediaTek बजट और मिड-रेंज सेगमेंट में तेजी से अपनी पकड़ बना रहा है. Apple अपने iPhone के लिए खुद का प्रोसेसर डिजाइन करता है जो परफॉर्मेंस के मामले में काफी आगे माने जाते हैं.
स्मार्टफोन खरीदते समय प्रोसेसर क्यों देखें
जब भी नया स्मार्टफोन खरीदें तो सिर्फ कैमरा या डिजाइन पर ही ध्यान न दें. प्रोसेसर वह चीज है जो फोन को लंबे समय तक चलाने लायक बनाती है. अगर प्रोसेसर अच्छा होगा तो फोन आने वाले सालों में भी नए ऐप्स और अपडेट्स को आसानी से संभाल पाएगा.
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