अगर आप विंडोज कंप्यूटर यूज कर रहे हैं तो आप जानते होंगे कि इसमें शटडाउन और रिस्टार्ट के ऑप्शंस मिलते हैं. ये दोनों ही कंप्यूटर के ऑपरेशन को शट डाउन करने के काम आते हैं, लेकिन इनमें थोड़ा अंतर है. शट डाउन जहां आपके कंप्यूटर को बंद कर देता है, वहीं रिस्टार्ट एक पल के कंप्यूटर को बंद कर रिस्टार्ट कर देता है. लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इन दोनों में बड़ा अंतर है. आइए जानते हैं कि इन दोनों में और क्या-क्या अंतर है और कब किस ऑप्शन को यूज करना चाहिए.

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शट डाउन से क्या होता है?

विंडोज के बहुत पुराने वर्जन में शट डाउन और रिस्टार्ट का काम एक जैसा ही होता था, लेकिन विंडोज 8 के आने के बाद यह बदल गया है. नए विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में फास्ट स्टार्टअप नाम से एक नया फीचर मिलता है. यह आपके कंप्यूटर को स्टार्ट होने में लगने वाले लंबे समय को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी वजह से जब आप कंप्यूटर शट डाउन करते हैं तो विंडोज अगली बार ऑन होने के लिए जल्दी सेटअप हो जाती है. विंडोज 10 में शट डाउन करने से आपके सारे प्रोग्राम और फाइल्स तो बंद हो जाती हैं, लेकिन ऑपरेटिंग सिस्टम का सबसे जरूरी हिस्सा विंडोज कर्नेल बंद नहीं होता. यह डिस्क पर सेव रहता है और आप अगली बार जब सिस्टम ऑन करते हैं तो आपको इसके लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता और यह तुरंत बूट हो जाता है.

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रिस्टार्ट करने पर क्या होता है?

दूसरी तरफ जब आप कंप्यूटर को रिस्टार्ट करते हैं तो यह विंडोज कर्नेल समेत सारी प्रोसेस को बंद कर देता है. इसका मतलब है कि जब कंप्यूटर दोबारा बूट होगा तो आपको एकदम क्लीन स्टार्ट मिलती है. हालांकि, इसे बूट होने में थोड़ा समय लगता है. इसलिए जब आप कोई अपडेट या सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करते हैं या कोई एरर रिजॉल्व करना चाहते हैं तो सिस्टम को रिस्टार्ट करना चाहिए.

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