TRAI Channel Selector App: अधिकतर डीटीएच और केबल यूजर्स ने कभी न कभी अपना मासिक बिल देखकर यह जरूर सोचा होगा कि टीवी देखने के तरीके में कोई बदलाव न होने के बावजूद बिल क्यों बढ़ता जा रहा है? इसका मुख्य कारण ऑपरेटरों द्वारा दाम बढ़ाना नहीं है, बल्कि वे चैनल्स और पैकेज हैं जिन्हें यूजर्स कभी चुनकर भूल जाते हैं और बाद में हटाना बंद कर देते हैं.
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण TRAI का चैनल सेलेक्टर ऐप खासतौर पर इसी समस्या को दूर करने के लिए बनाया गया है. इसके बावजूद, जिन लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है, उनमें से अधिकांश ने आज तक इस ऐप को खोलकर भी नहीं देखा है.
यह एप क्या मदद करता है?
TRAI के टैरिफ नियमों के तहत, ग्राहक अलग-अलग चैनलों और पैकेजों के लिए पैसे देते हैं. ऐसे में केबल या डीटीएच ऑपरेटरों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन से चैनल देख रहे हैं, इसलिए वे आपकी लिस्ट से फालतू चैनल हटाने की कोशिश भी नहीं करते. यही वजह है कि महीनों या सालों में आपके टीवी का सब्सक्रिप्शन बढ़ता ही चला जाता है. उदाहरण के लिए, किसी स्पोर्ट्स सीजन के दौरान लिया गया पैकेज जो बाद में कभी हटाया ही नहीं गया, डिफ़ॉल्ट रूप से मिलने वाले क्षेत्रीय चैनल, या फिर प्रमोशनल ऑफर में चुने गए ऐड-ऑन, जो बाद में पूरी कीमत पर चालू रहते हैं. नतीजा यह होता है कि आप चैनल तो उतने ही देखते हैं, लेकिन आपका बिल लगातार बढ़ता जाता है.
ऐसे में क्या करें?
TRAI का चैनल सेलेक्टर ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर आसानी से मिल जाएगा. अगर आप कोई ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहते, तो आप सीधे इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐप या वेबसाइट खोलने के बाद लिस्ट में से अपने टीवी ऑपरेटर जैसे टाटा प्ले, एयरटेल, डिश टीवी आदि को चुनें. इसके बाद अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, सब्सक्राइबर आईडी या सेट-टॉप बॉक्स नंबर को डालकर लॉग इन करें. आपके नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज करते ही आप लॉग इन हो जाएंगे.
लॉग इन होते ही ऐप आपके टीवी सब्सक्रिप्शन की पूरी कुंडली सामने रख देगा. यहां आपको साफ-साफ दिखेगा कि अभी कौन से पैकेज एक्टिव हैं, कौन से अलग चैनल चल रहे हैं, कुल कितने चैनल आपके पैक में हैं और उनका हर महीने का बिल कितना आ रहा है. यह स्टेप सबसे ज्यादा चौंकाने वाला होता है, क्योंकि ज़्यादातर यूजर्स को यहीं आकर पता चलता है कि वे ऐसे दर्जनों चैनलों के पैसे दे रहे हैं जिन्हें वे कभी देखते ही नहीं.
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शुरू करने से पहले एक जरुरी बात
अलग-अलग टीवी ऑपरेटरों जैसे Airtel, Tata Play, Dish TV के लिए सपोर्ट और लॉगिन करने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है. उदाहरण के लिए, कुछ ऑपरेटर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की जगह आपसे सब्सक्राइबर आईडी मांग सकते हैं, तो कुछ के मेनू की भाषा अलग हो सकती है. इसलिए, अगर ऐप की स्क्रीन ऊपर बताए गए स्टेप्स से पूरी तरह मैच नहीं खाती है, तो घबराएं नहीं. यह मान लेने के बजाय कि ऐप में कोई गड़बड़ है, अपने ऑपरेटर के स्क्रीन पर आ रहे निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और आगे बढ़ें.
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