How Payment Speaker Works: आजकल छोटी-बड़ी हर दुकान पर एक छोटा सा डिब्बा जैसा डिवाइस दिखाई देता है, जो पैसे आते ही जोर से बोल देता है कि कितने रुपये मिले हैं. इसे पेमेंट स्पीकर कहा जाता है. पहले जब कोई ग्राहक UPI से पेमेंट करता था, तो दुकानदार को अपना फोन निकालकर स्क्रीन पर देखना पड़ता था कि पैसे आए हैं या नहीं. इसमें समय भी लगता था और कई बार गलत स्क्रीनशॉट दिखाकर धोखा भी हो जाता था. इसी समस्या को दूर करने के लिए बैंकों और फिनटेक कंपनियों ने पेमेंट स्पीकर बनाया, जो पैसे आते ही आवाज में बता देता है कि पेमेंट हो गया है. 

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अंदर से कैसे काम करता है यह डिवाइस

इस छोटे से डिवाइस के अंदर एक सिम कार्ड लगा होता है, जिसकी मदद से यह इंटरनेट से जुड़ा रहता है. जब भी कोई ग्राहक दुकान के QR कोड को स्कैन करके UPI से पेमेंट करता है, तो बैंक का सर्वर तुरंत उस पेमेंट की जानकारी इस डिवाइस तक भेजता है. यह डिवाइस अपने इंटरनेट कनेक्शन के जरिए बैंक के सर्वर से लगातार जुड़ा रहता है, इसलिए उसे यह जानकारी बिना किसी देरी के मिल जाती है. जैसे ही पेमेंट होता है, डिवाइस के अंदर लगा सॉफ्टवेयर उस राशि को टेक्स्ट से आवाज में बदल देता है, जिसे टेक्स्ट-टू-स्पीच तकनीक कहा जाता है. इसके बाद डिवाइस में लगा स्पीकर उस राशि को साफ आवाज में बोल देता है, जैसे "आपको सौ रुपये प्राप्त हुए हैं".

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दुकानदारों के लिए क्यों है यह डिवाइस फायदेमंद

पेमेंट स्पीकर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि दुकानदार को बार-बार अपना फोन निकालकर स्क्रीन चेक करने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे समय भी बचता है और ग्राहकों को भी जल्दी सर्विस मिलती है. इसके अलावा यह डिवाइस धोखाधड़ी को रोकने में भी मदद करता है, क्योंकि कई बार लोग नकली स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदार को धोखा देने की कोशिश करते हैं, लेकिन साउंडबॉक्स सीधा बैंक के सर्वर से जुड़ा होने के कारण सिर्फ असली पेमेंट पर ही आवाज करता है.  यह डिवाइस उन दुकानदारों के लिए भी बहुत काम का है जो ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं या जिन्हें बार-बार फोन चेक करना मुश्किल लगता है. 

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