Two-Factor Authentication: ऑनलाइन थ्रेट से बचाने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को काफी अहम माना जाता है. जैसा नाम से ही स्पष्ट है, इसमें ऑथेंटिकेशन के लिए दो अलग-अलग फैक्टर की जरूरत होती है. 2FA इनेबल होने पर कोई सिर्फ पासवर्ड या पिन के जरिए अकाउंट एक्सेस नहीं कर सकता. इसमें वेरिफिकेशन के लिए एक और स्टेप की जरूरत पड़ती है. यानी जब आप किसी प्लेटफॉर्म को एक्सेस करेंगे तो पासवर्ड डालने के बाद फोन नंबर या ईमेल पर आए कोड को डालने के लिए भी कहा जा सकता है. कई मामलों में यह फिंगरप्रिंट या फेशियल स्कैन भी हो सकता है. पासवर्ड का अंदाजा लगाना आसान है, लेकिन SMS या ईमेल के जरिए आए कोड को जान पाना हैकर्स के लिए मुश्किल होता है. अब तक माना जाता है कि 2FA ऑनलाइन सेफ्टी के लिए एकदम दुरुस्त सिस्टम है, लेकिन अब हैकर्स ने इससे भी पार पाने का तरीका सीख लिया है.

Continues below advertisement

इस टूल ने बढ़ाया खतरा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकर्स Evilginx नाम के एक टूल का यूज कर 2FA को बाईपास कर सकते हैं. Evilginx एक मैन-इन-द-मिडल फिशिंग फ्रेमवर्क है, जो 2FA को बाईपास कर सकता है. यह यूजर और रियल लॉग-इन पेज के बीच एक रिवर्स प्रॉक्सी के तौर पर काम करता है और क्रेडेंशियल्स के साथ-साथ रियल टाइम में एक्टिव सेशन कूकीज भी चुरा सकता है. असल में Evilginx एक ओपन-सोर्स साइबर सिक्योरिटी टूल है, जिसे मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सिस्टम में खामियों का पता लगाने के लिए फिशिग सिमुलेशन अटैक रन करने के लिए डिजाइन किया गया है. अब चूंकि यह ओपन-सोर्स सिस्टम है, हैकर्स ने इसे मॉडिफाई कर अवैध कामों में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.

Continues below advertisement

कैसे काम करता है Evilginx?

जब यूजर 2FA का यूज करते हुए किसी वेबसाइट में लॉग-इन करता है तो एक ऑथेंटिकेटेड सेशन की शुरुआत होती है. अब हैकर Evilginx टूल की मदद से उस सेशन की कूकीज को हाईजैक कर रहे हैं. ये कूकीज ब्राउजर में ऐसी टेंपरेरी डेटा फाइल्स होती हैं, जिनमें सेशन और सेशन आईडी समेत कई जरूरी जानकारी होती है. जब ये कूकीज हैकर्स के हाथ लगती हैं तो वो आपके क्रेडेंशियल के सहारे वेबसाइट को एक्सेस कर सकते हैं. यह तरीका एकदम आसान है. जैसे ही कोई यूजर 2FA का इस्तेमाल कर साइन-इन प्रोसेस पूरी करता है, हैकर अपना काम शुरू कर देते हैं. क्रेडेंशियल चुराने के बाद आपके अकाउंट तक उनकी एक्सेस बन जाती है और वो पर्सनल इंफोर्मेशन समेत आपका जरूरी डेटा चुरा सकते हैं.

2FA को कैसे बाईपास कर देता है Evilginx?

सामान्य फिशिंग के मामलों में हैकर फर्जी वेबसाइट बनाते हैं और इसे असली बताकर लोगों के पास भेजते हैं. ये वेबसाइट बैंकिंग, क्लाउड सर्विसेस, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स से जुड़ी वेबसाइट की कॉपी होती हैं. जब आप इस पर लॉग-इन करने की कोशिश करते हैं तो आपके क्रेडेंशियल्स हैकर के पास जा सकते हैं. लेकिन 2FA का कोड आपके फोन नंबर पर जाता है, इसलिए यह तरीका बहुत प्रभावी नहीं होता. इससे देखते हुए अब हैकर फर्जी लॉग-इन पोर्टल और असली वेबसाइट के बीच में Evilginx को यूज कर रहे हैं. इसलिए जब आप फर्जी साइट पर अपने आईडी पासवर्ड यूज करेंगे तो Evilginx उस इंफोर्मेशन को असली वेबसाइट के पास भेजेगा और फिर वह वेबसाइट वापस Evilginx के पास इंफोर्मेशन रिले करेगी. इसके बाद आप जैसे ही लॉग-इन को कोड डालकर ऑथेंटिकेट करेंगे, Evilginx सेशन कूकीज चुरा लेगा और उनको हैकर के पास भेज देगा. इस तरह आपकी जगह हैकर उस वेबसाइट को एक्सेस करने लगेंगे, जबकि आपका लॉग-इन फर्जी पेज तक ही सीमित रह गया था.

अब क्या रह गया बचाव का तरीका?

साइबर अटैक और हैकिंग के नए-नए खतरों को देखते हुए अब कई वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल पासकी का इस्तेमाल करने लगे हैं. पासकी की मदद से आप बिना पासवर्ड अपने फोन या कंप्यूटर के ऑन-डिवाइस ऑथेंटिंकेशन मेथ्ड को यूज करते हुए लॉग-इन कर सकते हैं. अगर हैकर्स आपका पासवर्ड चुरा भी लेते हैं तो पासकी उन्हें आपके अकाउंट से किसी वेबसाइट या अकाउंट को एक्सेस करने से रोक देगी.

ये भी पढ़ें-

एक्स पर बंद हुआ रेवेन्यू प्रोग्राम, 11 सितंबर के बाद नहीं मिलेगा पैसा