Touchpad Vs Mouse: लैपटॉप यूजर्स के पास टचपैड के अलावा माउस यूज करने का भी ऑप्शन होता है. अगर दोनों को कंपेयर किया जाए तो स्पीड और एक्युरेसी के मामले में माउस को कोई मुकाबला नहीं है. यही कारण है कि गेमिंग और कई प्रोफेशनल कामों में माउस का यूज किया जाता है, लेकिन इसकी कुछ कमियां भी हैं. माउस को कैरी करने के साथ-साथ कई जगह यूज करने का भी झंझट रहता है. इसके लिए बड़े डेस्क की जरूरत पड़ती है, जहां माउसपैड को रखा जा सके. इस दुविधा से बचाने के लिए आज हम जानेंगे कि कहां माउस को यूज किया जा सकता है और कब टचपैड यूज करना फायदे का सौदा रहता है.
माउस को कब यूज करना चाहिए?
कंप्यूटर माउस दशकों से हमारे बीच में है और इसे सबसे भरोसेमंद इनपुट डिवाइस माना जाता है. इसकी स्पीड और एक्युरेसी को देखते हुए यह उन कामों के लिए बेस्ट हैं, जिनमें स्पीड और प्रीसीजन की जरूरत पड़ती है. यानी डिजाइनिंग, प्रोग्रामिंग, गेमिंग और वीडियो एडिटिंग जैसे टाक्स के लिए माउस टचपैड से बेहतर च्वॉइस है. कुछ लोगों को इसे यूज करना मुश्किल लगता है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे कंफर्टेबल मानते हैं. अगर आपको घंटों तक काम करना पड़ता है तो आजकल एर्गोनॉमिक माउस भी अवेलेबल हैं, जिन्हें यूज करना और भी आसान होता है. हालांकि, माउस को साथ कैरी करना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है. भले ही यह लैपटॉप बैग में ज्यादा स्पेस न ले, लेकिन इसे अलग से पैक करना कई लोगों को पंसद नहीं होता. इसके अलावा माउस यूज करने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत पड़ती है. यह भी कई लोगों के लिए चिंता का कारण बन जाता है.
टचपैड कहां आएगा काम?
भले ही लैपटॉप यूजर्स के लिए माउस के फायदे ज्यादा हैं, लेकिन टचपैड को पूरी तरह इग्नोर नहीं किया जा सकता. यह लैपटॉप में ही इंटीग्रेट होता है और इसे यूज करने के लिए फ्लैट सरफेस की भी जरूरत नहीं होती. अगर आपको एडिटिंग और डिजाइनिंग जैसे मुश्किल टास्क नहीं करने होते तो ईमेल भेजने और इंटरनेट ब्राउजिंग आदि के लिए टचपैड काफी है. माउस के मुकाबले टचपैड की स्पीड कम होती है, इसलिए यह उन टास्क के लिए परफेक्ट च्वॉइस हो सकता है, जिनमें ज्यादा स्पीड की जरूरत नहीं होती. इसका एक और नुकसान यह है कि अगर आपको इसे घंटों तक यूज करना पड़ जाए तो हाथ में दर्द होने के चांसेस बढ़ जाते हैं.
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