Smart Ring: पिछले कुछ समय से स्मार्ट रिंग का चलन बढ़ा है और अब लोग हार्ट रेट, मूवमेंट और स्किन टेंपरेचर आदि पर नजर रखने के लिए इसे खूब यूज कर रहे हैं. अब यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया के इंजीनियर ने एक नई तरह की स्मार्ट रिंग बनाई है, जो उंगली से निकलने वाले पसीने की मदद से मेटाबॉलिज्म, न्यूट्रिशन और एक्सरसाइज जैसी कई चीजों की सारी खबर रखेगी. इस रिंग का प्रोटोटाइप एक साथ चार बायोमार्कर को जांच सकता है. इसके सेंसर को शरीर में ग्लूकोज, कीटोन्स, विटामिन सी, यूरिक एसिड और एल्कोहल आदि को डिटेक्ट कर सकते हैं. बाकी स्मार्ट रिंग जहां सिग्नल पर काम करती हैं, वहीं इस डिवाइस को शरीर में लगातार बदलती रहने वाली केमिकल इंफोर्मेशन को कैप्चर करने के लिए डिजाइन किया गया है.

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कैसे काम करेगी यह रिंग?

इस रिंग पर रिसर्च करने वाली टीम में शामिल Tamoghna Saha ने बताया कि कमर्शियल रिंग्स आपको केवल बायोफिजिकल इंफोर्मेशन देती हैं. उनकी मदद से बायोकेमिकल मार्कर की मॉलिक्यूलर इंफोर्मेशन नहीं मिलती, जिसकी मदद से किसी की हेल्थ के बारे में गहराई से पता चलता है. इसके अलावा इस रिंग को यूज करने के लिए यूजर को एक्सरसाइज या किसी वर्क-आउट की जरूरत नहीं है. जब हम आराम कर रहे होते हैं, तब भी हमारी उंगली से थोड़ी नमी निकलती रहती है. यह रिंग उस नमी को कैप्चर कर अपना काम कर सकती है. इस रिंग में एक इलेक्ट्रोकेमिकल सेंसर लगा हुआ है, जो स्वेट में मॉलिक्यूल को मेजर करता है. फिर इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स को हर यूजर के हिसाब से डेवलप किए गए कैलिब्रेशन फैक्टर की मदद से एस्टीमेटेड कॉन्संट्रेशन में बदला जाता है.

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इस रिंग का क्या फायदा होगा?

रिसर्चर ने बताया कि यह रिंग रियल टाइम में डायनामिक मॉलिक्यूलर इंफोर्मेशन कैप्चर कर सकती है, जो हेल्थ, डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़े फैसले लेने में बहुत मददगार साबित होगी. यह रिंग ग्लूकोज और कीटोन को लगातार और एक साथ ट्रैक कर सकती है. इस इंफोर्मेशन की मदद से डायबिटीज के मरीज यह पता लगा सकते हैं कि उन्हें इंसुलिन की कितनी डोज की जरूरत है. ट्रायल के दौरान इस रिंग ने कमर्शियल ग्लूकोज मीटर और ब्लड कीटोन मीटर के बराबर सटीकता के साथ काम किया है.

चलता-फिरता लैब है यह रिंग

स्मार्ट रिंग एक बहुत छोटा डिवाइस होता है, लेकिन इस रिंग में पूरा सेंसिंग सिस्टम लगा हुआ है. इस कारण इसे न तो अलग पैच की जरूरत पड़ती है और किसी एक्सटर्नल रीडर की. इसके एक हिस्से में स्वेट कलेक्शन सिस्टम, फ्लूयड चैनल और सेंसर लगे हुए हैं तो दूसरे हिस्से में सर्किट बोर्ड और बैटरी पैक को फिट किया गया है. इस रिंग की रीडिंग को ब्लूटूथ की मदद से स्मार्टफोन की स्क्रीन पर देखा जा सकता है. इसमें जिंक-सिल्वर ऑक्साइड का फ्लेक्सिबल और रिचार्जेबल बैटरी लगा हुआ है, जो इसे 12 घंटे का बैकअप देता है और इसकी आउटर शेल को 3D-प्रिंटेड पॉलीमर से तैयार किया गया है. 

स्मार्ट रिंग के हैं कई फायदे

स्मार्ट रिंग अब धीरे-धीरे स्मार्टवॉच की जगह लेने लगी है. स्मार्ट रिंग को आप हाथ की किसी भी उंगली में पहन सकते हैं और यह आपके वाइटल्स से लेकर मूवमेंट और स्लीप आदि को बेहतर तरीके से मॉनिटर कर सकती है. स्मार्ट रिंग के कई फायदे हैं- 

स्क्रीन का झंझट नहीं- स्मार्ट रिंग बिना स्क्रीन के काम करती रहती है. इसका डेटा देखने के लिए भले ही आपको फोन स्क्रीन देखनी पड़ती है, लेकिन आपके स्क्रीन न देखने पर भी यह अपना काम करती रहेगी. 

लंबी बैटरी लाइफ- स्मार्ट रिंग में डिस्प्ले न होने का एक बड़ा फायदा बैटरी लाइफ के तौर पर भी देखने को मिलता है. 24 घंटे काम करने के बावजूद कई रिंग्स सिंगल चार्ज पर हफ्ते भर चल जाती हैं. 

काम में रुकावट नहीं- स्मार्ट रिंग आसानी से उंगली में फिट हो जाती है और इसे पहनकर बिना किसी परेशानी के सोया भी जा सकता है. इस कारण स्लीप ट्रैकिंग के लिए कई लोग स्मार्ट रिंग यूज करना पसंद करते हैं. 

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