Internet Users: इंटरनेट आज दुनिया की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल हो चुका है. अरबों लोग रोजाना ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेट यूजर किस देश में हैं? दिलचस्प बात यह है कि सबसे अधिक आबादी वाला देश बनने के बावजूद भारत इस सूची में पहले स्थान पर नहीं है. यह रिकॉर्ड चीन के नाम है जहां इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है.
चीन के पास है दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर बेस
2025 के अंत तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या करीब 1.3 अरब तक पहुंच चुकी है. यह संख्या इतनी बड़ी है कि दुनिया के कुल इंटरनेट यूजर्स में हर पांचवां व्यक्ति चीन का निवासी है.
देश की इंटरनेट पहुंच (Internet Penetration Rate) भी 80 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है यानी अधिकांश आबादी अब ऑनलाइन दुनिया से जुड़ चुकी है. दूसरी ओर भारत लगभग 80.6 करोड़ इंटरनेट यूजर्स के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद है जबकि अमेरिका करीब 32.2 करोड़ यूजर्स के साथ तीसरे नंबर पर है.
कई विकसित देशों की आबादी से भी ज्यादा हैं चीन के इंटरनेट यूजर
चीन के इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या इतनी विशाल है कि यह अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों की कुल ऑनलाइन आबादी को जोड़ने पर भी उससे अधिक है. यह दिखाता है कि डिजिटल दुनिया में चीन की मौजूदगी कितनी मजबूत हो चुकी है. चीन के आधिकारिक इंटरनेट नियामक संस्थान के मुताबिक, 2025 के अंत तक देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 1.12 अरब से अधिक दर्ज की गई और इंटरनेट पहुंच दर 80.1 प्रतिशत तक पहुंच गई.
चीन का इंटरनेट बाकी दुनिया से अलग क्यों है?
चीन की डिजिटल दुनिया काफी हद तक बाकी देशों से अलग है. वहां कई लोकप्रिय विदेशी प्लेटफॉर्म जैसे Google और Amazon उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में घरेलू कंपनियों ने इस खाली जगह को भर दिया है. आज चीन में Alibaba, Tencent और Baidu जैसे प्लेटफॉर्म प्रमुख भूमिका निभाते हैं. वहीं सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म की बात करें तो WeChat, Weibo और Kuaishou का दबदबा देखने को मिलता है जहां अन्य देशों में Facebook, X (Twitter) और YouTube ज्यादा लोकप्रिय हैं.
मोबाइल पेमेंट में भी चीन सबसे आगे
चीन केवल इंटरनेट यूजर्स की संख्या में ही नहीं बल्कि डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भी अग्रणी है. 2025 के मध्य तक ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 1.02 अरब से अधिक पहुंच गई थी. इसका मतलब है कि लगभग 91 प्रतिशत इंटरनेट यूजर किसी न किसी रूप में डिजिटल पेमेंट सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं. रिटेल खरीदारी, टैक्सी बुकिंग, बिल भुगतान और अन्य सेवाओं में मोबाइल पेमेंट वहां की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है.
AI अपनाने में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है चीन
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी चीन तेजी से विस्तार कर रहा है. दिसंबर 2025 तक देश में लगभग 60.2 करोड़ लोग जनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे. यह संख्या यूरोपीय संघ की कुल आबादी से भी ज्यादा बताई जाती है. चीन की इंटरनेट आबादी में जनरेटिव AI अपनाने की दर 42.8 प्रतिशत तक पहुंच गई जो एक साल पहले की तुलना में काफी अधिक है. मार्च 2025 तक चीन में 346 जनरेटिव AI सेवाएं आधिकारिक रूप से पंजीकृत की जा चुकी थीं.
इंटरनेट का केंद्र अब एशिया की ओर
चीन और भारत को मिलाकर देखें तो इन दोनों देशों में मौजूद इंटरनेट यूजर्स की संख्या दुनिया के शीर्ष 20 देशों के कुल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से भी अधिक है. यह संकेत देता है कि इंटरनेट और डिजिटल तकनीक का वैश्विक केंद्र धीरे-धीरे पश्चिमी देशों से हटकर एशिया और ग्लोबल साउथ की ओर बढ़ रहा है. आने वाले वर्षों में इंटरनेट, डिजिटल भुगतान और AI तकनीक के विस्तार के साथ चीन और भारत की भूमिका वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में और भी महत्वपूर्ण होने वाली है.
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