Zoom Users Alert: अगर आप ऑफिस मीटिंग, ऑनलाइन क्लास या दोस्तों से बातचीत के लिए Zoom का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. भारत सरकार ने Zoom यूजर्स के लिए एक हाई-रिस्क सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. बढ़ते साइबर हमलों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप्स अब हैकर्स के नए टारगेट बनते जा रहे हैं जिससे पर्सनल डेटा और गोपनीय बातचीत खतरे में पड़ सकती है.

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CERT-In ने क्यों जारी की चेतावनी?

इस चेतावनी को भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) ने जारी किया है. एजेंसी के मुताबिक, Zoom में एक गंभीर तकनीकी खामी पाई गई है जिसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी दूर बैठे-बैठे किसी यूजर के डिवाइस पर खतरनाक कमांड भेज सकते हैं. अगर सिस्टम प्रभावित हो जाता है तो हैकर डिवाइस पर उसी तरह कंट्रोल पा सकता है जैसे उसका असली मालिक.

कितनी खतरनाक है यह Zoom सिक्योरिटी खामी?

Zoom ने खुद इस कमी को Critical कैटेगरी में रखा है. इसे CVSS स्कोर 9.9/10 दिया गया है जो इसे बेहद गंभीर बनाता है. इस कमजोरी को तकनीकी तौर पर CVE-2026-22844 नाम दिया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कोई भी मीटिंग पार्टिसिपेंट नेटवर्क के जरिए सर्वर पर नुकसानदायक कमांड चला सकता है जिससे पूरी मीटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर खतरे में आ सकता है.

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Zoom के किस सिस्टम में है दिक्कत?

यह समस्या Zoom के Node Multimedia Router (MMR) से जुड़ी है जो बड़ी और हाइब्रिड मीटिंग्स में ऑडियो-वीडियो को मैनेज करता है. CERT-In के मुताबिक, Zoom Node Meetings, Hybrid और Zoom Node Meeting Connector के पुराने वर्जन (5.2.1716.0 से पहले) इस खतरे की चपेट में हैं. समाधान के तौर पर एडमिनिस्ट्रेटर्स को तुरंत लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करने की सलाह दी गई है.

Zoom आपका पर्सनल डेटा कैसे इस्तेमाल करता है?

Zoom आपके डेटा का इस्तेमाल मुख्य रूप से सर्विस को बेहतर बनाने के लिए करता है. इसमें आपकी सेटिंग्स याद रखना, अकाउंट मैनेजमेंट, मीटिंग रिमाइंडर और नए फीचर्स की जानकारी देना शामिल है. कुछ मामलों में कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने के लिए भी डेटा का इस्तेमाल कर सकती है हालांकि इसके लिए उसकी प्राइवेसी पॉलिसी लागू होती है.

Zoom पर सुरक्षित रहने के आसान तरीके

Zoom इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां आपको बड़े खतरे से बचा सकती हैं. हमेशा ऐप का नया वर्जन इस्तेमाल करें ताकि सिक्योरिटी अपडेट्स मिलते रहें. मीटिंग्स के लिए मजबूत पासवर्ड रखें और लिंक को पब्लिक प्लेटफॉर्म पर शेयर न करें. वेटिंग रूम फीचर ऑन रखें ताकि सिर्फ सही लोग ही मीटिंग में शामिल हों. स्क्रीन शेयरिंग को सीमित करें और अनजान यूजर्स द्वारा भेजे गए लिंक या फाइल्स पर क्लिक करने से बचें.

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