Samsung Galaxy S26 Ultra के प्राइवेसी डिस्प्ले की खूब चर्चा हो रही है. इसके फायदे को देखते हुए यह कहा जा रहा है कि यह इस साल का सबसे ज्यादा कॉपी किए जाने वाला फीचर भी हो सकता है. कई चाइनीज कंपनियों ने अपने फ्लैगशिप मॉडल में यह फीचर देने की तैयारी भी कर ली है. आज हम आपके लिए इस टेक्नोलॉजी के काम करने के तरीके समेत इससे जुड़ी वो सारी बड़ी बातें बताने जा रहे हैं, जो आपके लिए जानना जरूरी है. 

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क्या है प्राइवेसी डिस्प्ले?

प्राइवेसी डिस्प्ले आपके फोन की स्क्रीन को आपके अलावा बाकी सब की नजरों से बचा सकता है. यानी अगर आपके आसपास बैठे लोग प्राइवेसी डिस्प्ले को देखते हैं तो उन्हें स्क्रीन एकदम डार्क नजर आएगी, जबकि आपके लिए यह बिल्कुल नॉर्मल काम करेगी. स्क्रीन से 45 डिग्री से अधिक के एंगल के बाहर इस स्क्रीन को कोई नहीं देख पाएगा. प्राइवेसी डिस्प्ले से पूरी स्क्रीन को हाइड करने के साथ-साथ इसके कुछ हिस्से को भी हाइड किया जा सकता है.

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यह कैसे काम करेगा?

फोन के डिस्प्ले में हजारों mini LEDs लगी होती हैं,, जिनसे लाइट निकलती है. एक नॉर्मल डिस्प्ले में ये LED वाइड एंगल में लाइट फेंकती है, जिससे आपके साथ-साथ आपके आसपास बैठे लोग भी स्क्रीन को देख पाते हैं. सैमसंग ने इसी लेवल पर बदलाव करते हुए LEDs को ऐसे प्रोग्राम किया है, जिससे व्यूइंग एंगल नैरो हो गया है. इसका फायदा यह हुआ है कि यूजर के अलावा उसके आसपास बैठे लोग स्क्रीन नहीं देख पाएंगे.

प्राइवेसी डिस्प्ले ऑन होने का पता कैसे चलेगा?

जब कोई यूजर प्राइवेसी डिस्प्ले ऑन करेगा, स्क्रीन की ब्राइटनेस कम हो जाएगी. हालांकि, यह बड़ा बदलाव नहीं है और यूजर ब्राइटनेस को मैनुअली एडजस्ट कर सकता है. इसके अलावा फीचर इनेबल होने से यूजर के लिए कोई और फर्क नहीं पड़ेगा और उसे स्क्रीन पहले की तरह ही शार्प और ब्राइट नजर आएगी.

क्या इससे स्क्रीन की ड्यूरैबिलिटी पर असर पड़ेगा?

कुछ लोगों के मन में यह सवाल आ सकता है कि क्या इस टेक्नोलॉजी से स्क्रीन की ड्यूरैबिलिटी पर असर पड़ेगा? एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा नहीं होगा. सैमंसग लंबे समय से अलग-अलग डिस्प्ले में इस तरह की दूसरी टेक्नोलॉजी का यूज कर रही है और उसके लिए डिस्प्ले इनोवेशन नया नहीं है.

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