Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को आमतौर पर भविष्य की सबसे शक्तिशाली तकनीक माना जाता है. यह हमारे काम आसान बनाती है सोशल मीडिया, बैंकिंग, हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्टेशन और लगभग हर डिजिटल क्षेत्र में. लेकिन इसी तकनीक का एक ऐसा काला पहलू भी है जो तेजी से साइबर सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है. सवाल उठ रहा है क्या AI खुद साइबर हमले कर सकता है? और क्या यह तकनीक आने वाले समय में दोधारी तलवार साबित हो सकती है?

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कैसे AI बन सकता है साइबर अपराधियों का हथियार?

AI की सबसे बड़ी ताकत इसकी सीखने और पैटर्न समझने की क्षमता है. लेकिन यही क्षमता गलत हाथों में पड़कर खतरनाक साबित हो सकती है. हैकर्स अब AI का इस्तेमाल न सिर्फ डेटा चोरी करने के लिए बल्कि और भी एडवांस्ड हमले करने के लिए कर रहे हैं जैसे डीपफेक वीडियो और ऑडियो: अब हैकर्स किसी की आवाज या चेहरा कॉपी करके बैंक अकाउंट या सिस्टम एक्सेस तक प्राप्त कर सकते हैं.

ऑटोमेटेड फ़िशिंग: AI हजारों फ़िशिंग मेल ऐसे तैयार कर सकता है जो बिल्कुल असली लगें जिससे यूज़र्स आसानी से धोखा खा जाते हैं.

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स्मार्ट मैलवेयर: AI-आधारित मैलवेयर सिक्योरिटी सिस्टम को पहचानकर खुद को बदल सकते हैं जिससे उन्हें पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता है. इनमें सबसे बड़ी चुनौती यह है कि AI इंसानों से कहीं तेजी और स्मार्ट तरीके से हमला करने की क्षमता रखता है.

AI साइबर सुरक्षा का मजबूत रक्षक भी

दिलचस्प बात यह है कि जिस AI से खतरा है वही AI सबसे बड़ा सुरक्षा कवच भी बन सकता है. कई साइबर सिक्योरिटी कंपनियां AI का इस्तेमाल हमलों को रियल-टाइम में पकड़ने, डेटा को एन्क्रिप्ट करने और सिस्टम की कमजोरियों की पहचान करने में कर रही हैं.

AI आधारित सुरक्षा सिस्टम

  • संदिग्ध गतिविधियों को सेकंडों में पहचान लेते हैं
  • नेटवर्क में घुसे मैलवेयर का पता लगाने में बेहद तेज होते हैं
  • बड़े पैमाने पर डेटा को स्कैन कर तुरंत चेतावनी देते हैं
  • यानी AI खतरा भी है और सुरक्षा भी. फर्क सिर्फ इस बात का है कि इसे कौन और कैसे इस्तेमाल कर रहा है.

क्यों कहा जा रहा है कि AI दोधारी तलवार है?

AI का इस्तेमाल अच्छा भी है और बुरा भी यही वजह है कि इसे दोधारी तलवार कहा जाता है. एक तरफ यह साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाता है वहीं दूसरी ओर अपराधियों को हमलों को और शक्तिशाली बनाने का मौका भी देता है. आने वाले वर्षों में साइबर हमले और भी जटिल हो सकते हैं और उनके पीछे AI एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

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