Switch Off Phone Tracking: आज के समय में स्मार्टफोन हमारे जीवन का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है. हम जहां भी जाते हैं, हमारा फोन हमारे साथ होता है. ऐसे में कई बार सुरक्षा या प्राइवेसी के लिए लोग अपने फोन को स्विच ऑफ या बंद कर देते हैं. उन्हें लगता है कि फोन बंद होने के बाद कोई भी उनकी लोकेशन का पता नहीं जान सकता. लेकिन यह सच नहीं है. क्योंकि आपका फोन बंद होने के बाद भी आपकी लोकेशन बता सकता है. अगर आप इंटरनेट यूज नहीं करते हैं तब भी लोकेशन का पता लगाने के कई तरीके मौजूद हैं. 

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फोन बंद होने पर भी पूरी तरह नहीं सोता फोन

जब आप अपने फोन को स्विच ऑफ करते हैं, तो आपको लगता है कि फोन पूरी तरह से बंद हो चुका है. लेकिन असल में ऐसा नहीं होता. क्योंकि फोन बंद होने के बाद भी उसके अंदर के कुछ खास हिस्से बहुत कम बिजली पर काम करते रहते हैं. इसे लो पावर मोड कहा जाता है.  इस वजह से फोन का ब्लूटूथ और कुछ सेंसर चालू रहते हैं, भले ही आपकी स्क्रीन काली हो और फोन बंद दिखे. इस तकनीक को सबसे पहले एप्पल कंपनी ने अपने आईफोन में बहुत मजबूत बनाया. इसके बाद गूगल ने भी इसे एंड्रॉइड फोन के लिए शुरू किया. दरअसल जब आपका आईफोन या नया एंड्रॉइड फोन बंद होता है,तो वह अपने आसपास एक छुपा हुआ ब्लूटूथ सिग्नल छोड़ता रहता है. जैसे कि आपका फोन बंद है और पास से कोई दूसरा चालू आईफोन या एंड्रॉइड फोन गुजरता है. आपका बंद फोन उस चालू फोन को एक गुप्त सिग्नल भेजता है. वह दूसरा चालू फोन आपके बंद फोन की लोकेशन को इंटरनेट के जरिए कंपनी के सर्वर पर भेज देता है. इस तरह आपको अपने बंद फोन की सही लोकेशन पता चल जाती है.

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ब्लूटूथ और चिपसेट की नई तकनीक

पुराने जमाने के फोन बंद होने पर पूरी तरह शांत हो जाते थे. लेकिन आज के नए स्मार्टफोन्स में ब्लूटूथ बीकन नाम की तकनीक होती है. इसके अलावा फोन के अंदर की मुख्य चिप को इस तरह बनाया जाता है कि वह बिना पूरी बैटरी खत्म किए महीनों तक हल्के सिग्नल भेज सके. इसी वजह से अगर आपका फोन चोरी हो जाए या स्विच ऑफ हो जाए, तब भी उसे ढूंढा जा सकता है. मान लो अगर फोन में ये सारी तकनीक नहीं भी है, तब भी पुलिस बंद फोन की आखिरी लोकेशन का पता लगा सकती है. क्योंकि जब तक फोन चालू रहता है, वह अपने पास के मोबाइल टावर से जुड़ा होता है. इसे ट्राएंगुलेशन कहते हैं. जैसे ही फोन बंद होता है, मोबाइल कंपनी के पास उस टावर की जानकारी रिकॉर्ड हो जाती है जहां फोन आखिरी बार चालू था. इससे एक अंदाजा मिल जाता है कि फोन किस इलाके में बंद हुआ. 

इससे कैसे बचें

अगर कोई चाहता है कि उसका फोन बंद होने के बाद बिल्कुल भी ट्रैक न हो, तो उसके पास केवल दो ही रास्ते होते हैं. फोन की बैटरी को पूरी तरह बाहर निकाल देना, जो आज के नए फोन्स में मुमकिन नहीं है. या फोन को एक ऐसे खास पाउच या बैग में रखना जो किसी भी तरह के रेडियो या ब्लूटूथ सिग्नल को बाहर नहीं आने देता. 

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