Starlink In India: भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है. हाल ही में कंपनी ने मेघालय सरकार के साथ एक एग्रीमेंट साइन किया है. इसके तहत स्टारलिंक इंडिया राज्य के रिमोट और दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. इससे संकेत मिलता है कि भारत में इस कंपनी की सर्विस जल्द ही लॉन्च हो सकती है और कंपनी को सरकार से जरूरी अप्रूवल मिल गए हैं. बता दें कि कंपनी पिछले कुछ महीनों से भारत में सर्विस के ट्रायल कर रही है और आने वाले दिनों में इसकी ऑफिशियल लॉन्चिंग का ऐलान किया जा सकता है.

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मेघालय सरकार के साथ स्टारलिंक का क्या एग्रीमेंट हुआ है?

मेघालय सरकार के साथ हुए एग्रीमेंट के तहत स्टारलिंक इंडिया अपनी सैटेलाइट बेस्ड टेक्नोलॉजी से हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. इस सर्विस से एजुकेशन, हेल्थकेयर, सिक्योरिटी और डिजास्टर मैनेजमेंट में सपोर्ट मिलेगा. बता दें कि मेघालय की विशेष टोपोग्राफी के कारण यहां भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्टिविटी की दिक्कत है. जानकारी के लिए बता दें कि मेघालय से पहले महाराष्ट्र सरकार और आधार को मैनेज करने वाली UIDAI भी अपने डिजिटल अभियानों के लिए स्टारलिंक से हाथ मिला चुकी हैं.

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Starlink India को मिल चुका है लाइसेंस

स्टारलिंक को भारत में ऑपरेट करने का लाइसेंस मिल चुका है. इंडियन नेशनल स्पेस ऑथोराइजेशन एंड प्रमोशन सेंटर (IN-SPACe) ने यह लाइसेंस दिया है. इस लाइसेंस से कंपनी इंडियन टेरेटरी के ऊपर अपने Starlink Gen1 कॉन्स्टेलेशन की कैपेसिटी को यूज कर पाएगी. यह लाइसेंस 5 साल तक वैलिड रहेगा. अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने पिछले साल 30 और 31 अक्टूबर को मुंबई में अपनी सर्विस का डेमो भी दिखाया था. स्टारलिंक ने बेंगलुरू में अपने इंडिया हेडक्वार्टर के लिए कर्मचारी भी हायर कर लिए हैं.

भारत में कितनी हो सकती है स्टारलिंक कनेक्शन की कीमत?

कयास लगाए जा रहे हैं कि स्टारलिंक कनेक्शन लेने के लिए भारत में ग्राहक को 30,000-35,000 रुपये की वन-टाइम सेटअप कॉस्ट देनी पड़ सकती है. इसके बाद मंथली प्लान के लिए 3,500-8,000 रुपये चुकाने पड़ सकते हैं. इसकी स्पीड 25-225Mbps के बीच रहने का अनुमान है. 

क्या फंसा है पेंच?

स्टारलिंक भारत में अपनी सर्विस लॉन्च करने के लिए सरकार के साथ बातचीत कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेक्ट्रम आवंटन और स्पेक्ट्रम की कीमत को लेकर पेंच फंसा हुआ है. यह मामला अभी टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के पास है. यहां से हरी झंडी मिलने के बाद भारत में स्टारलिंक की सर्विस लॉन्च होने का रास्ता खुल जाएगा.

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