सर्दियों के मौसम की शुरुआत होते ही हर घर में पानी गर्म करने के लिए गीजर का इस्तेमाल बढ़ जाता है. हालांकि, पारंपरिक इलेक्ट्रिक गीजर के इस्तेमाल से हर महीने बिजली का बिल काफी ज्यादा आता है, जो मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट को बिगाड़ देता है. इसी समस्या के समाधान के रूप में सोलर गीजर एक बेहतरीन और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बनकर उभरा है. यह तकनीक बिना बिजली की खपत किए सूरज की रोशनी से पानी को गर्म करती है, जिससे बिजली बिल में भारी बचत होती है. यदि आप भी इस सर्दी अपने घर में सोलर वॉटर गीजर लगवाने का विचार कर रहे हैं, तो आइए जानते हैं कि इसे लगवाने में कितना खर्च आता है और यह किस तरह काम करता है.

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कैसे काम करता है सोलर वॉटर गीजर?

सोलर वॉटर गीजर का काम करने का तरीका बेहद सरल है. इसे घर की छत पर ऐसी जगह स्थापित किया जाता है जहां दिनभर धूप आती है. इसमें मुख्य रूप से दो भाग होते हैं- सोलर थर्मल कलेक्टर और स्टोरेज टैंक. जब सूरज की किरणें कलेक्टर पर पड़ती हैं, तो वे सौर ऊर्जा को सोखकर उसे गर्मी में बदल देती हैं.

इस गर्मी से ट्यूब के भीतर मौजूद पानी गर्म होने लगता है. थर्मोसाइफन प्रक्रिया के तहत गर्म पानी हल्का होने के कारण ऊपर लगे स्टोरेज टैंक में चला जाता है और टैंक का ठंडा पानी नीचे ट्यूब में आ जाता है. यह इंसुलेटेड टैंक पानी को लंबे समय तक गर्म रखता है, जिससे रात में या अगले दिन सुबह भी गर्म पानी आसानी से मिल जाता है.

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सोलर गीजर लगवाने में कितना आता है खर्च?

भारतीय बाजार में सोलर वॉटर गीजर की कीमत उसकी क्षमता यानी एलपीडी और कलेक्टर के प्रकार पर निर्भर करती है. एक सामान्य 3 से 4 सदस्यों वाले छोटे परिवार के लिए 100 लीटर क्षमता का सिस्टम पर्याप्त माना जाता है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 15,000 से 25,000 के बीच होती है.

वहीं, 5 से 8 सदस्यों वाले बड़े परिवारों के लिए 200 लीटर क्षमता वाले सोलर गीजर की आवश्यकता होती है, जिसका कुल खर्च 25,000 से 40,000 के आसपास बैठता है। इसके अलावा, छत की बनावट और प्लंबिंग की जटिलता के आधार पर 2,000 से 5,000 तक का इंस्टॉलेशन चार्ज अलग से लग सकता है.

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क्या सरकार से मिलती है कोई सब्सिडी?

सोलर वॉटर गीजर की शुरुआती खरीद लागत भले ही थोड़ी अधिक लगे, लेकिन सरकार देश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर सहायता प्रदान करती है. वर्तमान नियमों के अनुसार, कई राज्यों की अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसियां, जैसे हरियाणा में हरेडा आदि घरेलू क्षेत्र में सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम लगाने पर 3,000 से लेकर 10,000 प्रति 100 एलपीडी तक की वित्तीय सब्सिडी या बिजली बिल में विशेष छूट प्रदान करती हैं. इसके अतिरिक्त, कुछ राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कल्याणकारी योजनाओं के तहत उपभोक्ताओं को वेंडर के माध्यम से सब्सिडी का लाभ सीधे बैंक खाते में या कम दरों पर लोन के रूप में मिल जाता है.

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