Solar Panel Hacks: इको-फ्रेंडली और रीन्यूएबल एनर्जी जनरेट करने के मामले में सोलर पैनल धीरे-धीरे लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं. एक बार सोलर पैनल लगाने के बाद चिंता करने की जरूरत नहीं रहती. सूरज निकलते ही ये बिजली बनाना शुरू कर देते हैं. अगर आप पहले से सोलर पैनल यूज कर रहे हैं या नया सोलर एनर्जी सिस्टम लगवाने जा रहे हैं तो हम आपके लिए कुछ हैक्स लेकर आए हैं. ये एनर्जी जनरेशन से लेकर एफिशिएंसी तक बढ़ाने में आपके काम आ सकते हैं. 

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प्लेसमेंट को ऐसे करें ऑप्टिमाइज

सोलर पैनल की आउटपुट इस बात पर डिपेंड करेगी कि सोलर पैनल की प्लेसमेंट कैसी है. दरअसल, पैनल को इस तरह प्लेस किया जाना चाहिए ताकि इन्हें ज्यादा से ज्यादा सनलाइट मिल सके. इसलिए पैनल का मुंह सूरज की तरफ रखा जाता है. अगर सोलर पैनल को पूरी तरह सन फेसिंग नहीं लगाया जा सकता तो भी चिंता की बात नहीं है. सूरज की तरफ थोड़ा-सा टिल्ट कर देने पर भी काफी फर्क पड़ता है. इस बात का भी ध्यान रखें कि सोलर पैनल पर किसी पेड़ या बिल्डिंग की परछाई न आए. इससे एफिशिएंसी कम हो सकती है.

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सुबह या शाम के समय करें सफाई

मैक्सिमम एफिशिएंसी के लिए सोलर पैनल की रेगुलर साफ-सफाई जरूरी है. धूल-मिट्टी जमा होने के कारण पैनल सनलाइट को एब्जॉर्ब नहीं कर पाते, जिससे पावर जनरेशन कम हो जाता है. इसलिए सॉफ्ट ब्रश या सॉफ्ट कपड़े से पैनल को साफ कर दें. यह ध्यान रखें कि दिन के समय जब टेंपरेचर ज्यादा होता है, तब पैनल की सफाई न की जाए. दिन में पानी जल्दी इवेपोरेट होकर पैनल पर धब्बे छोड़ देता है. इसलिए सुबह या शाम जब धूप और टेंपरेचर कम हो, पैनल की सफाई तब करनी चाहिए. 

स्टोरेज के लिए बैटरी आएगी काम

सोलर पावर के साथ अवेलेबिलिटी को लेकर दिक्कत रहती है. यानी सनलाइट होने पर यह पावर जनरेट करता है, लेकिन रात के समय या बादल हो जाने पर पावर जनरेशन बंद हो जाता है. इस चुनौती से निपटने के लिए सोलर बैटरी का सहारा लिया जा सकता है. दिन के समय जब सोलर एनर्जी सिस्टम पावर जनरेट करेगा, तब ये चार्ज हो जाएंगी और रात के समय पावर सप्लाई कर पाएंगी. 

धीरे-धीरे कैपेसिटी बढ़ाएं

अगर आप सोलर पैनल लगवाने जा रहे हैं तो एकदम पूरा पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है. अगर आपका बजट कम है तो आप कम कैपेसिटी से इसकी शुरुआत कर सकते हैं. मान लिजिए आपको 5 किलोवॉट का सिस्टम लगवाना है तो आप इसकी शुरुआत 3 किलोवाट के साथ कर सकते हैं. इससे आप इस टेक्नोलॉजी को भी परख पाएंगे और जरूरत पड़ने पर इसकी कैपेसिटी भी बढ़ा सकेंगे.

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