अगर आप विंडोज 10 या विंडोज 11 यूज कर रहे हैं तो आप पर साइबर अटैक का खतरा मंडरा रहा है. इन दोनों में कुछ ऐसी सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिससे आपकी सेंसेटिव इंफोर्मेशन चोरी की जा सकती है. इसे देखते हुए सरकारी एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने साइबर सिक्योरिटी वार्निंग जारी की है. यह वार्निंग इंडिविजुअल यूजर्स के साथ-साथ उन ऑर्गेनाइजेशन के लिए भी है, जो अपने डेली ऑपरेशन के लिए विंडोज-बेस्ड सिस्टम यूज कर रहे हैं.

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इस वजह से विंडोज यूजर्स को खतरा

CERT-In के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज के डेस्कटॉप विंडो मैनेजर (DWM) कंपोनेंट में कोई खामी मिली है. यह सिस्टम ग्राफिकल यूजर इंटरफेस को रेंडर करने के काम आता है. इस कंपोनेंट में कुछ मेमोरी ऑब्जेक्ट्स को ठीक तरीके से हैंडल नहीं किया जा रहा, जिसके कारण यह सुरक्षा खामी आई है. इसका फायदा उठाकर लोकल अटैकर्स सिस्टम की मेमोरी से सेंसेटिव इंफोर्मेशन चुरा सकते हैं. इस सुरक्षा खामी से विंडोज 10 के 1607, 1809, 21H2 और 22H2 वर्जन और विंडोज 11 के 23H2, 24H2 और 25H2 वर्जन्स यूज करने वाले यूजर्स पर खतरा है.

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यूजर्स के लिए क्या सलाह?

CERT-In ने इस सुरक्षा खामी को गंभीर श्रेणी का खतरा नहीं माना है, लेकिन सेंसेटिव डेटा को चुराकर बड़े साइबर अटैक्स किए जा सकते हैं या ओवरऑल सिक्योरिटी को कम किया जा सकता है. इसे देखते हुए एजेंसी ने यूजर्स को बिना देरी किए सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी है. माइक्रोसॉफ्ट ने इन खामियों को दूर करने के लिए सिक्योरिटी पैच रिलीज कर दिए हैं, जिन्हें इंस्टॉल कर साइबर अटैक के खतरों से बचा जा सकता है. साथ ही यूजर्स से कहा गया है कि वो नियमित तौर पर सिक्योरिटी अपडेट को चेक करते रहें और अपने सिस्टम को अपडेट रखें. इससे साइबर हमलों का डर कम होता है.

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