सैमसंग अगले साल की शुरुआत में अपनी Galaxy S26 लाइनअप को लॉन्च करने वाली है, लेकिन अभी तक इसके मॉडल की कीमत फाइनल नहीं कर पाई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, मेमोरी चिप और दूसरे पार्ट्स की महंगी कीमत के सैमसंग की लागत बढ़ी है, लेकिन वह अपकमिंग सीरीज की कीमत नहीं बढ़ाना चाहती है. ऐसा करने से बिक्री पर असर पड़ सकता है, वहीं अगर वही कीमत नहीं बढ़ाती है तो उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, जिसके लिए कंपनी तैयार नहीं दिख रही है.

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ट्राईफोल्ड को भी घाटे में बेच रही है कंपनी

हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सैमसंग अपने पहले ट्राईफोल्ड फोन Galaxy Z TriFold को भी घाटे में बेच रही है. असल में इस फोन बनाने की लागत उसकी कीमत से ज्यादा है. चूंकि इसकी कम यूनिट्स बिक रही है, इसलिए सैमसंग यह रिस्क उठा रही है. गैलेक्सी S26 सीरीज के साथ वह ऐसा नहीं कर सकती. फोन की लागत बढ़ने के कारण अब सैमसंग कीमत को लेकर और विचार-विमर्श करने में जुटी हुई है. इसलिए माना जा रहा है कि अपकमिंग सीरीज की कीमत फाइनल होने में अभी थोड़ा समय और लग सकता है.

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इन कारणों से बढ़ी लागत

सैमसंग को मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमत से जूझना पड़ रहा है और अगले साल इनके दाम 30-40 प्रतिशत और बढ़ सकते हैं. इसके अलावा कंपनी अपने Exynos चिपसेट के भरोसे नहीं रह सकती और उसे क्वालकॉम से Snapdragon प्रोसेसर खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे. चिपसेट के अलावा OLED डिस्प्ले भी महंगे होते जा रहे हैं. अब इनकी सप्लाई के लिए सैमसंग एक चाइनीज कंपनी से बातचीत कर रही है. बता दें कि सैमसंग के अलावा दूसरी कंपनियों पर भी महंगाई की मार पड़ी है और शाओमी बढ़ी हुई कीमत पर अपने अपकमिंग फोन बेचने की प्लानिंग बना रही है.

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