Room Heater: नवंबर की शुरुआत के साथ ही सुबह और रात के वक्त हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है. अब वह वक्त दूर नहीं जब कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए हमें रूम हीटर की जरूरत पड़ेगी. अक्सर लोग ठंड बढ़ने पर कोई भी सस्ता हीटर उठा लाते हैं. जो कि घर का बिजली का बिल दोगुना कर देता है. आजकल मार्केट में पुरानी लाल रॉड वाले हीटर से लेकर स्मार्ट टेक्नोलॉजी वाले कई तरह के रूम हीटर मौजूद हैं. 

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हर हीटर के काम करने की टेक्नोलॉजी अलग होती है और उसी हिसाब से वह बिजली की खपत भी करता है. अगर आप भी इस सीजन एक नया रूम हीटर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो सिर्फ उसकी कीमत देखकर फैसला न लें. चलिए आपको बताते हैं कि किस टेक्नोलॉजी वाला हीटर आपके कमरे के साइज के हिसाब से सही रहेगा और बिजली का बिल भी कम करेगा.

इन्फ्रारेड और हैलोजन हीटर कम वॉट में गर्मी देंगे

अगर आपका कमरा छोटा है या आप सिर्फ अपने बैठने की जगह के आसपास तुरंत गर्मी चाहते हैं. तो रॉड वाले रेडिएंट या इन्फ्रारेड हीटर सबसे सस्ते और काम के साबित होते हैं. पुराने जमाने के कॉइल हीटर जहां 2000 वॉट तक बिजली खींचते थे. 

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वहीं आजकल के मॉडर्न क्वार्ट्ज, हैलोजन और कार्बन फाइबर हीटर सिर्फ 400 से 800 वॉट की पावर पर काम करते हैं. इनकी टेक्नोलॉजी ऐसी होती है कि यह पूरे कमरे की हवा को गर्म करने में बिजली बर्बाद नहीं करते बल्कि सूरज की किरणों की तरह सीधे आपके शरीर या सामने रखी चीजों को गर्म करते हैं. 

इनमें कार्बन हीटर की टेक्नोलॉजी सबसे एडवांस मानी जाती है क्योंकि यह कम बिजली में ज्यादा दूर तक गर्माहट फेंकता है और आंखों में चुभने वाली तेज रोशनी भी नहीं करता है. अगर आप अकेले रहते हैं या वर्क फ्रॉम होम के दौरान सिर्फ अपनी टेबल के पास गर्मी चाहते हैं तो दो रॉड वाला हैलोजन हीटर आपके बिजली बिल को काफी कम रखेगा.

फैन हीटर के ज्यादा पीटीसी सिरेमिक टेक्नोलॉजी वाला सही

पूरे कमरे को जल्दी गर्म करने के लिए लोग अक्सर ब्लोअर यानी फैन हीटर खरीदते हैं. नार्मल फैन हीटर के अंदर एक मेटल की कॉइल होती है और उसके पीछे लगा पंखा गर्म हवा को कमरे में चारों तरफ फेंकता है. लेकिन अगर आप बिजली बचाना चाहते हैं तो नार्मल कॉइल वाले ब्लोअर की जगह PTC यानी पॉजिटिव टेम्परेचर कोएफिशिएंट सिरेमिक टेक्नोलॉजी वाला फैन हीटर ही चुनें. 

सिरेमिक हीटर की खासियत यह होती है कि इसके अंदर के एलिमेंट्स खुद-ब-खुद कमरे के तापमान को भांप लेते हैं. जब कमरा ठंडा होता है तो यह तेजी से गर्म होता है. लेकिन जैसे ही कमरा गर्म हो जाता है यह अपने आप बिजली की खपत कम कर देता है. नार्मल हीटर जहां लगातार 2000 वॉट बिजली फूंकते रहते हैं वहीं सिरेमिक फैन हीटर ऑटो-रेगुलेशन की वजह से काफी बिजली बचा लेता है. 

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ऑयल फिल्ड रेडिएटर और स्मार्ट थर्मोस्टेट 

बड़े कमरे या छोटे बच्चों वाले घर के लिए OFR यानी ऑयल फिल्ड रेडिएटर सबसे सेफ ऑप्शन है. दिखने में बड़ी बैटरी जैसा लगने वाला यह हीटर हवा की नमी या ऑक्सीजन को बिल्कुल भी खत्म नहीं करता है. इसके अंदर खास तरह का थर्मल ऑयल भरा होता है जिसे बिजली की मदद से गर्म किया जाता है. इसमें थर्मोस्टेट और हीट रिटेंशन टेक्नोलॉजी है. एक बार जब इसके अंदर का तेल गर्म हो जाता है और कमरा आपके सेट किए गए तापमान पर पहुंच जाता है. 

तो इसका ऑटो-कट सेंसर बिजली की सप्लाई तुरंत बंद कर देता है. बिजली बंद होने के बाद भी इसके अंदर का गर्म तेल एक से दो घंटे तक कमरे को बिना बिजली खर्च किए गर्म रखता है. भले ही इसे खरीदने में शुरुआत में ज्यादा पैसे लगते हैं लेकिन रातभर चलाने के मामले में यह नार्मल ब्लोअर के मुकाबले बिजली बिल में 30 से 40 फीसदी तक की बचत करता है.

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