Quantum Battery: ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एनर्जी स्टोर करने के मामले में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. उन्होंने एक क्वांटम बैटरी बनाई है, जो पलक झपकते ही चार्ज हो सकती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी एनर्जी स्टोर और डिलीवर करने की पूरी तस्वीर बदल सकती है. इसकी मदद से ऐसे डिवाइस बनाए जा सकते हैं, जो बहुत तेज स्पीड पर चार्ज हो पाएंगे. ऑस्ट्रेलिया की मेलबर्न यूनिवर्सिटी ने CSIRO और RMIT के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम किया है. आइए जानते हैं कि Quantum Battery कैसे काम करेगी और इससे चार्जिंग कैसे बदल सकती है.

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कैसे काम करेगी Quantum Battery?

रिसर्च में शामिल एक साइंटिस्ट ने बताया कि कन्वेंशनल बैटरी की तरह क्वांटम बैटरी भी एनर्जी स्टोर करेगी और चार्ज-डिस्चार्ज होगी. इसमें बड़ा अंतर यह है कि बाकी बैटरियां केमिकल रिएक्शन पर डिपेंड होती हैं, लेकिन क्वांटम बैटरी क्वांटम मैकेनिक्स की प्रोपर्टीज को यूज करेगी. क्वांटम सिस्टम का फायदा यह है कि यह एक साथ बहुत बड़ी मात्रा में लाइट को एब्जॉर्ब कर लेता है, जिससे बैटरी बहुत तेजी से चार्ज हो जाती है.

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एक्सपेरिमेंट में कन्फर्म हुई चार्जिंग स्पीड

वैज्ञानिकों ने अभी इस बैटरी का प्रोटोटाइप तैयार किया है और उसकी चार्जिंग स्पीड परखने के लिए उस पर एक्सपेरिमेंट भी किया गया. इसमें पता चला है कि यह बैटरी बहुत तेजी से चार्ज हो सकती है. इससे एक झलक मिलती है कि फ्यूचर की टेक्नोलॉजी में क्वांटम-बेस्ड एनर्जी स्टोरेज एक बड़ी भूमिका निभाने जा रही है.

कहां काम आ सकती है Quantum Battery?

साइंटिस्ट की टीम का नेतृत्व करने वाली डॉक्टर जेम्स क्वाक ने बताया कि रिसर्च और प्रोटोटाइप से पता चला है कि क्वांटम बैटरी बहुत तेजी से चार्ज हो सकती है और यह रूम टेंपरेचर पर एनर्जी को स्टोर कर सकती है. इससे नेक्स्ट-जनरेशन एनर्जी सॉल्यूशन बनाए जा सकते हैं. ये बैटरियां जितनी बड़ी होंगी, उतना ही जल्दी चार्ज होंगी. अभी इस पर काफी काम किया जाना बाकी है, लेकिन उस दिशा में कदम बढ़ाए जा चुके हैं. अब हम क्वांटम बैटरी के एनर्जी स्टोरेज टाइम को बढ़ाने पर काम करेंगे.

पॉल्यूशन ने बिजली बनाने वाली बैटरी भी तैयार

क्वांटम बैटरी के अलावा वैज्ञानिकों ने एयर पॉल्यूशन से बिजली बनाने वाली गैस बैटरी भी तैयार कर ली है. यह बैटरी कार्बन डाईऑक्साइड और नाइट्रोजन डाईऑक्साइड जैसी गैसों को कैप्चर कर उन्हें यूजेबल एनर्जी में बदल देती है. इस गैस बैटरी को उन डिवाइसेस को पावर देने के लिए यूज किया जा सकता है, जिन्हें बहुत कम एनर्जी की जरूरत होती है.

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