Phone Cover Impact On Battery: लोग अलग-अलग कारणों से फोन कवर यूज करते हैं. कई लोग फोन को डैमेज से बचाने के लिए कवर लगाते हैं तो कई ग्रिप को बेहतर करने के लिए कवर यूज करते है. आजकल कई कवर में कार्ड होल्डर और किकस्टैंड जैसे नए फीचर्स भी आने लगे हैं. ये कवर थोड़े मोटे होते हैं. ये भले ही फोन को प्रोटेक्शन और स्टाइलिश लुक देते हैं, लेकिन ये फोन की बैटरी के लिए मुश्किल खड़ी कर देते हैं. कम ही लोग जानते हैं कि फोन कवर के कारण बैटरी पर भी असर पड़ता है. आज हम जानेंगे कि मोटे कवर से बैटरी को क्या दिक्कतें हो सकती हैं.

Continues below advertisement

क्या है मोटे कवर का नुकसान

अगर आप रग्ड या मोटा कवर यूज कर रहे हैं ये मोस्टली भारी प्लास्टिक या लेदर के बने होते हैं. ऐसे मैटेरियल फोन से निकलने वाली हीट को अंदर ही ट्रैप कर लेते हैं. इस कारण फोन का टेंपरेचर बढ़ जाता है और चार्जिंग, गेमिंग और स्ट्रीमिंग जैसी एक्टिविटी के दौरान ओवरहीट का भी खतरा भी रहता है. ऐसा अगर लगातार होता रहे तो बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है और इसे बार-बार चार्ज करने की जरूरत पड़ती है. इस कारण बैटरी समय से पहले भी खराब हो सकती है. 

Continues below advertisement

फोन के बाकी कंपोनेंट पर भी पड़ता है असर

कवर में हीट ट्रैप होने के कारण फोन का ऑपरेटिंग टेंपरेचर बढ़ जाता है. प्रोसेसर एफिशिएंसी पर भी इसका असर पड़ता है. गर्मी के मौसम में तापमान ज्यादा रहने के कारण पहले से ही फोन के कंपोनेट्स पर ज्यादा स्ट्रेस होता है. ऐसे में यह हीट मुश्किल को औ बढ़ा सकती है. मोटे केस का एक नुकसान यह भी है कि यह फोन को जल्दी ठंडा नहीं होने देता. मोटे कवर में वेंटिलेशन मुश्किल होत है और न तो फोन की हीट बाहर निकल सकती है और न ही बाहर की हवा फोन को ठंडा कर पाती है.

फोन को ओवरहीटिंग से बचाने में काम आएंगी ये टिप्स

अगर फोन ओवरहीट हो गया है तो इसे कूल करने के लिए सबसे पहले कवर हटा दें. इससे हीट बाहर रिलीज हो सकेगी और हवा के संपर्क में आने से फोन जल्दी ठंडा होगा. इसके अलावा अगर फोन चार्जिंग पर तो कुछ देर के लिए इसे हटा दें. ओवरहीट होने पर फोन का यूज बंद कर दें और कुछ देर तक एयरप्लेन मोड पर स्विच करने या स्विच ऑफ करने से भी फायदा मिल सकता है.

ये भी पढ़ें-

इस कंपनी ने मचा दिया तहलका, 2 रुपये से भी कम की डेली लागत में दे रही डेटा और कॉलिंग समेत ये बेनेफिट्स