पिछले कुछ समय से दुनियाभर में AI गर्लफ्रेंड का चलन बढ़ा है और बड़ी संख्या में लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. अब Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने इनके इस्तेमाल को लेकर चेताया है. उन्होंने कहा कि AI गर्लफ्रेंड और एनिमे-स्टाइल चैटबॉट बहुत खतरनाक हैं और ये मनोवैज्ञानिक जोखिम के साथ आते हैं. आइए जानते हैं कि उन्होंने AI कंपेनियन वाले इस ट्रेंड को लेकर क्या-क्या खतरे बताए हैं.

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श्रीनिवास ने AI गर्लफ्रेंड के ये खतरे बताए

श्रीनिवास ने कहा कि ये AI सिस्टम लगातार एडवांस होते जा रहे हैं. ये बातचीत को याद रख और इंसानों की तरह जवाब दे सकते हैं. एक समय फ्यूचर एक्सपेरिमेंट लगने वाली चीजें अब कई लोगों के लिए रिलेशनशिप का विकल्प बनती जा रही हैं. यह खतरनाक है. उन्होंने कहा कि कई लोगों को रियल लाइफ बोरिंग लगने लगी है और वो इन चीजों पर डेली कई घंटे बीता रहे हैं. ऐसे वर्चुअल कनेक्शन परसेप्शन को खराब कर सकते हैं और इससे लोग किसी और ही दुनिया में जीने लगते हैं, जहां आपका दिमाग आसानी से आपको मैनिपुलेट कर सकता है.

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लगातार बढ़ रही हैं AI कंपेनियन वाली ऐप्स 

श्रीनिवास की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब दुनियाभर में AI पार्टनर और कंपेनियन वाली ऐप्स बढ़ रही हैं. हालांकि, इनका यह कहते हुए विरोध भी हो रहा है कि ये असली और काल्पनिक जीवन के बीच के फर्क को धुंधला कर रही हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे लोगों को रिलेशनशिप को लेकर नजरिया ही बदल जाएगा. 

लगभग तीन तिहाई टीनएजर्स यूज कर चुके हैं ऐसी ऐप्स

AI कंपेनियन ऐप्स को लेकर डेटा भी चौंकाने वाला है. कॉमन सेंसर मीडिया की एक स्टडी में सामने आया कि लगभग 72 प्रतिशत टीनएजर्स ने कम से कम एक बार AI गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड वाली ऐप्स को यूज किया है. रिसर्चर का कहना है कि ऐसे एक्सपीरियंस से बॉट्स पर निर्भरता बढ़ सकती है, जिससे लोगों का मानसिक विकास प्रभावित होता है.

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