Optimus India Launching: अमेरिकी अरबपति Elon Musk की कंपनी Tesla इन दिनों ह्यूमनॉयड रोबोड Optimus पर काम कर ही है. मस्क को इस रोबोट से बड़ी उम्मीदे हैं. कंपनी इस रोबोट को कुंगफू से लेकर घर के काम करने तक की ट्रेनिंग दे रही है. टेस्ला ने 2030 तक ऐसे 10 लाख रोबोट तैयार करने का टारगेट रखा है. अब ताजा जानकारी के अनुसार, कंपनी भारत में इस रोबोट को लॉन्च कर सकती है. कंपनी की एक सीनियर ऑफिसर ने कहा कि सही समय आने पर इस रोबोट को भारत में भी उतारा जाएगा. आइए जानते हैं कि ऑप्टिमस को भारत में लॉन्च करने को लेकर कंपनी की क्या प्लानिंग है. 

Continues below advertisement

भारत में कब आएगा ऑप्टिमस रोबोट?

एशिया-पैसिफिक के लिए टेस्ला की प्रमुख Isabel Fan ने कहा कि इस साल ऑप्टिमस का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा. यह आगे चलकर हमारे जीवन का अहम हिस्सा बनने वाला है. उन्होंने कहा कि जब सही समय आएगा, तब इसे भारत में जरूर लॉन्च किया जाएगा. हम इसे भारत में लाना चाहते हैं और यह हमारा गोल है. Fan का मानना है कि रोबोट से इंसानी जीवन आसान हो जाएगा. यह इंसानों के लिए एक अच्छा ऑप्शन होगा और वो अपने टाइम का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे. टेस्ला अधिकारी ने कहा कि रोबोट को कई कामों में यूज किया जा सकेगा. यह उन कामों को भी कर पाएगा, जो खतरनाक होने के कारण इंसान नहीं करना चाहता.

Continues below advertisement

इन कामों के लिए दी जा रही है ऑप्टिमस को ट्रेनिंग

रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑप्टिमस रोबोट को लॉजिस्टिक, हेल्थकेयर और घर के रिपीटेटिव कामों के अलावा खतरनाक कामों को पूरा करने के लिए तैयार किया जा रहा है. यह इंसान की तरह ही काम करेगा. इसके कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिसमें यह रोबोट बिल्कुल इंसानों की तरह चलता और काम करता नजर आ रहा है. मस्क को उम्मीद है कि रोबोट एक ऐसी दुनिया का निर्माण कर सकते हैं, जहां पर गरीबी नहीं होगी. 

 रोबोट की 'फौज' तैयार करना चाहते हैं मस्क

मस्क ऑप्टिमस के साथ रोबोट की आर्मी तैयार करना चाहते हैं. मस्क ने पिछले साल कहा था कि वो एक बड़ी रोबोट आर्मी बनाना चाहते हैं और आगामी कुछ सालों में ऑप्टिमस रोबोट की 10 लाख यूनिट्स बनाई जाएगी. मस्क ने कहा कि ऑप्टिमस टेस्ला का अब तक का सबसे जरूरी प्रोजेक्ट बन सकता है. बता दें कि 2023 के बाद से कंपनी ने ऑप्टिमस पर काम तेज किया है और अब ये टेस्टिंग के फेज में पहुंच गया है. यह पूरी तरह एआई की मदद से काम करता है और इसे कंट्रोल करने के लिए इंसान की जरूरत नहीं पड़ती.

ये भी पढ़ें-

एयर पॉल्यूशन से बनेगी बिजली, वैज्ञानिकों ने तैयार की कमाल की 'गैस बैटरी'