OpenAI ChatGPT: दुनिया की बड़ी एआई कंपनी OpenAI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा किया है. कंपनी ने सुरक्षा कारणों से यह रिपोर्ट सार्वजनिक की और बताया कि हाल के महीनों में कुछ लोगों ने ChatGPT का गलत इस्तेमाल किया. यह दुरुपयोग केवल साधारण स्पैम तक सीमित नहीं था बल्कि इसमें रोमांस स्कैम, प्रभाव फैलाने की साजिशें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धोखाधड़ी जैसी गतिविधियां शामिल थीं.

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रोमांस स्कैम और डेटिंग फ्रॉड का जाल

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ ठगों ने एआई की मदद से नकली प्रेम कहानियां गढ़कर लोगों को जाल में फंसाया. खास तौर पर इंडोनेशिया में कई पुरुषों को फर्जी ऑनलाइन रिश्तों के जरिए ठगा गया. एआई से तैयार किए गए आकर्षक संदेश, प्रोफाइल और विज्ञापनों के जरिए भरोसा जीता गया.

पीड़ितों को आसान काम के बदले भारी कमाई का लालच दिया जाता था. कई मामलों में ठग खुद को वकील बताकर कानूनी दबाव बनाते और पैसों की मांग करते थे. एआई से तैयार बातचीत इतनी असली लगती थी कि लोगों को धोखे का एहसास तक नहीं हुआ.

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प्रभाव अभियान और राजनीतिक निशाना

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कुछ अकाउंट्स ने सोच-समझ के गलत अभियान चलाने की कोशिश की. इनमें से एक प्रयास जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री को निशाना बनाने से जुड़ा बताया गया.

इसके अलावा, कुछ फर्जी प्रोफाइल खुद को नीति विशेषज्ञ या सलाहकार बताकर अमेरिकी अधिकारियों को ईमेल भेज रहे थे ताकि वैचारिक असर डाला जा सके. कंपनी ने इन गतिविधियों को सुनियोजित और समन्वित प्रयास बताया.

डेटा संग्रह और साइबर अपराध की आशंका

रिपोर्ट में पारंपरिक साइबर अपराध से जुड़े संकेत भी मिले. कुछ प्रतिबंधित अकाउंट्स ने अन्य टूल्स के साथ मिलकर संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश की. इनमें अमेरिकी नागरिकों से जुड़ी जानकारी, ऑनलाइन फोरम्स का डेटा और यहां तक कि सरकारी इमारतों के लोकेशन से जुड़े विवरण शामिल थे. कुछ मामलों में चेहरे की पहचान करने वाले सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली समझने की कोशिश भी की गई जिसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा माना गया.

OpenAI की सख्ती और आगे की रणनीति

कंपनी का कहना है कि वह संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखती है और जैसे ही कोई दुरुपयोग सामने आता है तुरंत कार्रवाई करती है. ऐसे सभी खातों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. साथ ही, कंपनी ने स्पष्ट किया कि एआई जितना ताकतवर होता जा रहा है उसके जोखिम भी उतने ही बढ़ रहे हैं. इसलिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जा रहा है तथा संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके.

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