OpenAI Investment Banking Model: AI ने कोडिंग, कस्टमर सपोर्ट और रिसर्च आदि कामों के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है और अब इसकी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग पर है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चैटजीपीटी चैटबॉट बनाने वाली कंपनी ओपनएआई एक नया एआई मॉडल बना रही है, जो इन्वेस्टमेंट बैंकर्स के काम आएगा. इस मॉडल को ट्रेनिंग देने के लिए कंपनी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग एक्सपर्ट की तलाश कर रही है. एआई मॉडल को ट्रेनिंग देने के काम के बदले उसे लगभग 1.7 करोड़ रुपये की बेस सैलरी दी जाएगी.

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1.7 करोड़ रुपये की सैलरी के बदले करना होगा यह काम

इस काम के लिए ओपनएआई को सिर्फ दो साल के इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के एक्सपीरियंस वाले कैंडिडेट की तलाश है, जिसने कंपनी एंड इंडस्ट्री रिसर्च, फाइनेंशियल एनालिसिस, वैल्यूएशन, डील एग्जीक्यूशन और क्लाइंट प्रेजेंटेशन तैयार करने जैसे काम किए हो. इस कैंडिडेट को ओपनएआई में बैंकिंग से जुड़ा कोई काम नहीं करना होगा बल्कि एक नए एआई मॉडल को ट्रेनिंग देने और उसे चेक करने का काम करना होगा. एक्सपर्ट को एआई मॉडल को यह बताने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि इन्वेस्टमेंट बैंकर काम कैसे करते हैं. अब यह देखा जाना बाकी है कि जब यह मॉडल तैयार होकर पब्लिक के लिए रोलआउट हो जाएगा, तब यह इन्वेस्टमेंट बैंकर्स की नौकरी पर कितना असर डालता है. शुरुआत में कंपनियां एआई को मदद के तौर पर अपनी वर्कफोर्स में शामिल करती हैं और आगे चलकर यही टेक्नोलॉजी कर्मचारियों की नौकरी खा जाती है. दूसरे सेक्टरों में ऐसे कई उदाहरण देखने को मिले हैं.

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अब फाइनेंशियल सर्विसेस पर ध्यान दे रही हैं एआई कंपनियां

ओपनएआई समेत दूसरी एआई कंपनियां अब फाइनेंशियल सर्विसेस पर ज्यादा फोकस कर रही हैं. ओपनएआई जहां इन्वेस्टमेंट बैंकर्स के लिए नया मॉडल तैयार कर रही है, वहीं इसकी राइवल कंपनी एंथ्रोपिक ने हाल ही में कई एआई एजेंट लॉन्च किए थे. ये फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन में होने वाले रिपीटेटिव टास्क को ऑटोमैट कर सकते हैं. एंथ्रोपिक का कहना है कि टेक्नोलॉजी के बाद अब फाइनेंशियल सर्विसेस उसका दूसरा सबसे बड़ा एंटरप्राइज बिजनेस बन गया है.

बड़े-बड़े बैंक भी एआई पर कर रहे मोटा निवेश

एक तरफ जहां एआई कंपनियां फाइनेंशियल सर्विसेस लाने पर काम कर रही हैं, दूसरी तरफ बड़े-बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक भी टेक्नोलॉजी पर मोटा पैसा निवेश कर रहे हैं. JPMorgan हर साल टेक्नोलॉजी पर 18 बिलियन डॉलर खर्च कर रहा है, जिसमें से ज्यादातर पैसा एआई के जा रहा है. इसी तरह Goldman Sachs भी टेक्नोलॉजी पर सालाना 6 बिलियन का निवेश कर रहा है.

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