OpenAI Bounty Program: चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई आपको घर बैठे-बैठे लखपति बनने का मौका दे रही है. हाल ही में कंपनी ने अपने बाउंटी प्रोग्राम का ऐलान किया है. इसके तहत जो भी कंपनी के GPT 5.6 मॉडल के बायोसेफ्टी प्रोटेक्शन  को जेलब्रेक कर देगा, उसे लगभग 47 लाख रुपये दिए जाएंगे. ऐसा नहीं है कि ओपनएआई पहली बार इस तरह का प्रोग्राम लेकर आई है. कंपनी इससे पहले GPT 5.5 के समय भी ऐसा कर चुकी है, लेकिन इस बार प्राइज मनी को बढ़ाया गया है. आइए जानते हैं कि इस ईनाम को पाने के लिए क्या करना होगा.

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क्या है ओपनएआई का बाउंटी प्रोग्राम?

OpenAI Bio Bounty Program को उन खामियों को ढूंढने के लिए लाया गया है, जो कंपनी के एआई मॉडल के बायोसेफ्टी प्रोटेक्शन को बाईपास कर सके. कंपनी का मानना है कि इन कमियों को ढूंढना इसलिए जरूरी है ताकि कोई और उनका पता लगाकर मिसयूज न कर सके. इससे एआई सिस्टम को भी सेफ बनाया जा सकेगा. अब कंपनी ने GPT 5.5 के साथ GPT 5.6 को भी इस प्रोग्राम में शामिल कर लिया है. पहले मॉडल में कमियां ढूंढने पर 25,000 डॉलर का ईनाम था, लेकिन नए मॉडल पर इसे बढ़ाकर 50,000 डॉलर (लगभग 47 लाख रुपये) कर दिया गया है. GPT 5.5 में कमियां ढूंढने के लिए 27 जुलाई तक का समय दिया गया है. इसके बाद यह मॉडल प्रोग्राम से बाहर हो जाएगा और केवल GPT 5.6 को इसके अंदर कवर किया जाएगा.

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कैसे करें अप्लाई?

अगर आप ओपनएआई के इस चैलेंज में भाग लेना चाहते हैं तो आपको पहले अप्लाई करना पड़ेगा. इसके लिए अपने ब्राउजर में OpenAI Bio Bug Bounty सर्च करें और रिजल्ट में दिख रहे पहले लिंक पर क्लिक करें. इसके बाद ओपन होने वाले पेज पर Apply here का बटन दिखेगा. इस पर टैप कर आप फॉर्म भर सकते हैं. ध्यान रहे कि अप्लाई करने के लिए आपका चैटजीपीटी अकाउंट होना जरूरी है. यह ध्यान रहे कि GPT 5.6 को लेकर चैलेंज 27 जुलाई के बाद लाइव होगा. साथ ही कंपनी ने यह भी बताया है कि उसके प्रोडक्ट्स में खामियां निकालने वाले रिसर्चर को भी रिवॉर्ड दिया जाएगा. यह उनकी फाइंडिंग की क्वालिटी और उसके असर पर निर्भर करेगा.

कंपनियां चलाती रहती हैं ऐसे प्रोग्राम

ओपनएआई की तरह दूसरी कंपनियां भी बाउंटी प्रोग्राम चलाती रहती हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि किसी सिस्टम या सर्विस में खामियों का पहले ही पता लगाया जा सके. मेटा और ऐप्पल जैसी कंपनियां ऐसे प्रोग्राम में काफी बड़ा ईनाम देती हैं.

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